उदयपुर कानोड़ क्षेत्र के निकटवर्ती ग्राम पंचायत बड़ा राजपुरा में सोमवार दोपहर एक बाड़े में अचानक भीषण आग लग गई. धनोतिया तालाब के पास स्थित इस बाड़े में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई. हालांकि, ग्रामीणों की तत्परता और दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई के चलते एक बड़ा हादसा होने से टल गया.
शॉर्ट सर्किट बना कारण, धू-धू कर जला चारा
जानकारी के अनुसार, बड़ा राजपुरा निवासी तुलसीराम लोहार और नंदलाल लोहार के बाड़े में सोमवार दोपहर अचानक आग की लपटें उठने लगीं. माना जा रहा है कि आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट रहा. बाड़े में पशुओं के लिए भारी मात्रा में सूखा चारा (घास) और लकड़ियां संग्रहित की गई थीं, जिसने आग को तेजी से भड़का दिया. कुछ ही मिनटों में बाड़े में रखा सारा चारा और लकड़ियां जलकर राख हो गईं.
मवेशियों को सुरक्षित निकाला, टली जनहानि
गनीमत यह रही कि जिस समय आग लगी, बाड़े के बिल्कुल समीप ही गायें और भैंसें बंधी हुई थीं. आग की भीषण तपिश के बावजूद ग्रामीणों ने अदम्य साहस का परिचय दिया और समय रहते सभी मवेशियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. ग्रामीणों की इस सतर्कता के कारण किसी भी प्रकार की जनहानि या पशुहानि नहीं हुई, जो एक बड़ी राहत की बात है.
प्रशासन और दमकल की त्वरित कार्रवाई
आग की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर जमा हो गए और अपने स्तर पर पानी व मिट्टी डालकर आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया. साथ ही, घटना की सूचना तत्काल कानोड़ नगर पालिका प्रशासन को दी गई. सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची. दमकल कर्मियों ने ग्रामीणों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया.

