डूंगरपुर जिले के चौरासी क्षेत्र के अंतर्गत धंबोला थाना इलाके के बांसिया गांव में पैंथर (लेपर्ड) के आतंक से ग्रामीणों की नींद उड़ गई है. बीती रात एक पैंथर ने गांव के रिहायशी इलाके में घुसकर एक पशुपालक के बाड़े पर हमला बोल दिया और दो मवेशियों को अपना शिकार बना लिया. इस घटना के बाद से पूरे गांव में दहशत का माहौल है.
बाड़े में बंधी बकरी और बकरे को बनाया निवाला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बांसिया निवासी बंशीलाल पुत्र हुका जी जोगी के घर के पास बने पशु घर में सोमवार देर रात पैंथर ने हमला किया. पैंथर ने बाड़े में बंधी एक बकरी और एक बकरे को अपना शिकार बना लिया. सुबह जब बंशीलाल का परिवार पशुओं को चारा देने पहुँचा, तो वहाँ का मंजर देख उनके होश उड़ गए। बाड़े में मवेशियों के क्षत-विक्षत शव पड़े हुए थे.
पगमार्क से हुई पुष्टि, विभाग ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलते ही धंबोला रेंज कार्यालय से फॉरेस्टर राजेंद्र सिंह डामोर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचे. वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया, जहाँ उन्हें पैंथर के स्पष्ट पगमार्क (पदचिह्न) मिले हैं. इससे आबादी क्षेत्र में पैंथर की मौजूदगी की पुष्टि हो गई है. सूचना पर पशुधन डॉक्टर रेखा देवी रोत भी मौके पर पहुँचीं और मृत मवेशियों का पोस्टमार्टम कर नियमानुसार रिपोर्ट तैयार की.
पिंजरा लगाने की मांग, ग्रामीणों में भारी रोष
आबादी क्षेत्र में पैंथर के हमले की खबर जंगल की आग की तरह फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए. ग्रामीणों ने वन विभाग के प्रति गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि पैंथर अब जंगलों से निकलकर बस्तियों तक पहुँच चुका है, जिससे न केवल पशुओं बल्कि छोटे बच्चों और इंसानों की जान को भी खतरा पैदा हो गया है.
ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में जल्द से जल्द पिंजरा लगाया जाए और पैंथर को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाए ताकि किसी बड़ी अनहोनी को टाला जा सके.

