सज्जनगढ़ (बांसवाड़ा): क्षेत्र के रोहनिया मन्ना गांव में एक 15 वर्षीय छात्रा द्वारा संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या करने का हृदयविदारक मामला सामने आया है. छात्रा ने यह आत्मघाती कदम उस समय उठाया जब वह स्कूल से लौटी थी और घर में अकेली थी.
स्कूल से लौटने के बाद उठाया खौफनाक कदम
थानाधिकारी धनपत सिंह ने बताया कि मृतक छात्रा रोशनी (15), पुत्री बहादुर, कक्षा 11वीं में पढ़ती थी. गुरुवार सुबह वह सामान्य दिनों की तरह स्कूल गई थी. दोपहर को जब वह स्कूल से घर लौटी, तो उसने घर के अंदर जाकर दरवाजा अंदर से बंद कर लिया. परिजनों को अंदेशा भी नहीं था कि रोशनी ऐसा कुछ करेगी. काफी देर तक जब रोशनी बाहर नहीं आई, तो उसकी छोटी बहन घर पहुंची. खिड़की या झरोखे से देखने पर उसने अपनी बड़ी बहन को फंदे पर लटका पाया.
मजदूरी पर गए थे माता-पिता
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची. पुलिस ने बताया कि रोशनी के माता-पिता अपनी आजीविका चलाने के लिए गुजरात में मजदूरी करने गए हुए थे. घर पर उसकी दादी और चार छोटी बहनें ही थीं, जिनमें रोशनी सबसे बड़ी थी. माता-पिता को घटना की सूचना दी गई, जिनके शुक्रवार दोपहर गांव लौटने के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया.
जांच में जुटी पुलिस
सज्जनगढ़ थाने के हेड कांस्टेबल आनंद सिंह ने बताया कि प्राथमिक तौर पर यह मामला आत्महत्या का लग रहा है. हालांकि, मृतका के पास से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे यह पता चल सके कि उसने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया. पुलिस ने मर्ग दर्ज कर लिया है और सहेलियों व परिजनों से पूछताछ कर आत्महत्या के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रही है.

