उदयपुर जिले के गोगुंदा कस्बे में बुधवार रात एक प्लास्टिक पाइप के गोदाम में भीषण आग लग गई. निकुंज वाटिका के ठीक पीछे स्थित इस गोदाम में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे वहां रखा सिंचाई का कीमती सामान जलकर राख हो गया. इस आगजनी की चपेट में आने से पास की दो दुकानें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं.
शादी समारोह में मचा हड़कंप
जिस वक्त यह हादसा हुआ, पास ही स्थित निकुंज वाटिका में एक शादी समारोह चल रहा था. आग की ऊंची लपटें और धुएं का गुबार देख वहां मौजूद मेहमानों में अफरा-तफरी मच गई. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गार्डन में लगे शादी के मंडप और स्टेज को तुरंत वहां से हटाया गया. गनीमत रही कि आग वाटिका तक नहीं पहुंची, वरना एक बड़ा हादसा हो सकता था.
ग्रामीणों ने दिखाई बहादुरी
आग लगने की सूचना मिलते ही गोगुंदा थानाधिकारी श्यामसिंह चारण पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे. आग को दुकानों की ओर बढ़ता देख स्थानीय ग्रामीणों ने साहस दिखाया और दुकानों में रखा सामान बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. उदयपुर से बुलाई गई दो दमकलों ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया.
45 किमी दूर से आती है दमकल
इस घटना ने एक बार फिर प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. गोगुंदा एक बड़ा उपखंड मुख्यालय है, लेकिन यहाँ आज भी फायर ब्रिगेड की स्थायी सुविधा नहीं है. आग लगने पर 45 किलोमीटर दूर उदयपुर शहर से दमकल बुलानी पड़ती है. दमकल के पहुँचने में लगने वाले समय के कारण तब तक लाखों का नुकसान हो चुका होता है.

