बांसवाड़ा भीषण गर्मी के बीच आमजन की सेहत से खिलवाड़ रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है. राज्य सरकार के ‘शुद्ध आहार-मिलावट पर वार’ अभियान के तहत शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने परतापुर और बांसवाड़ा शहर में बड़ी कार्रवाई की. आइसक्रीम और कुल्फी निर्माता फर्मों पर किए गए इस औचक निरीक्षण से मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया.
कलेक्टर और CMHO के कड़े निर्देश
यह कार्रवाई जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. खुशपाल सिंह राठौड़ के निर्देशन में अंजाम दी गई. विभाग को लगातार ठंडे खाद्य पदार्थों में मिलावट और गंदगी की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद टीमों का गठन कर सैंपलिंग प्रक्रिया शुरू की गई.
गंदगी मिलने पर सख्त कार्रवाई, 4 नमूने लिए
खाद्य सुरक्षा अधिकारी उम्मेद मल टेलर के नेतृत्व में टीम ने परतापुर स्थित ‘हजुरीज आइसक्रीम’ पर कार्रवाई , जहां से राजभोग और बटर स्कॉच फ्लेवर के नमूने लिए गए. इसके अलावा बांसवाड़ा शहर के उदयपुर रोड स्थित विभिन्न कुल्फी और आइसक्रीम यूनिट्स से भी सैंपल जुटाए गए. कुल 4 नमूनों को जांच के लिए लैब भेजा गया है.
निरीक्षण के दौरान परतापुर के ‘नूरानी रेस्टोरेंट’ और ‘हजुरीज आइसक्रीम’ पर भारी अनियमितताएं और गंदगी पाई गई. मौके पर शरबत की बोतलों में चींटियां तैरती मिलीं, जिसे देखकर अधिकारी दंग रह गए. टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए लगभग 8 लीटर खराब लिक्विड और दूषित शरबत को मौके पर ही नष्ट करवाया.
सुधार नोटिस जारी, अभियान रहेगा जारी
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि नियमों की अनदेखी करने वाली फर्मों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 32 के तहत ‘इम्प्रूवमेंट नोटिस’ जारी किए गए हैं. विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में व्यवस्थाएं नहीं सुधारी गईं, तो लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी. विभाग का यह अभियान आने वाले दिनों में भी निरंतर जारी रहेगा.

