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डूंगरपुर: 16 मई से शुरू होगा जनगणना का पहला चरण, पहली बार ‘डिजिटल मोड’ और ‘स्वगणना’ पर विशेष जोर

भारत की आगामी जनगणना को लेकर डूंगरपुर जिला प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है. जिले में जनगणना का प्रथम चरण 16 मई से 14 जून 2026 तक आयोजित किया जाएगा. इस बार की जनगणना कई मायनों में ऐतिहासिक होने वाली है, क्योंकि देश में पहली बार यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संपन्न होगी. जिला कलेक्टर देशलदान ने कलेक्ट्रेट में तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए जिलेवासियों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं.

पहले चरण में क्या होगा?

कलेक्टर ने बताया कि 16 मई से शुरू होने वाले पहले चरण में मुख्य रूप से मकानों का सूचिकरण (House Listing) किया जाएगा. इसमें मकानों की स्थिति, परिवारों को उपलब्ध बुनियादी सुविधाएं (जैसे बिजली, पानी, शौचालय) और उनके पास मौजूद परिसंपत्तियों से संबंधित आंकड़े जुटाए जाएंगे.

जिले में तैनात होंगे 3,409 कार्मिक

जनगणना कार्य को सुचारू रूप से चलाने के लिए डूंगरपुर जिले को 2,671 ब्लॉक में विभाजित किया गया है. इस विशाल कार्य के लिए 3,409 कार्मिकों की नियुक्ति की गई है, जिन्हें वर्तमान में विशेष तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वे मोबाइल ऐप के जरिए सटीक आंकड़े दर्ज कर सकें.

‘स्वगणना’: घर बैठे दर्ज करें अपनी जानकारी

डिजिटल जनगणना की सबसे बड़ी विशेषता ‘स्वगणना’ (Self-Enumeration) है. नागरिकों के पास 1 से 15 मई तक का विकल्प है कि वे जनगणना पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी स्वयं भर सकें.

  • फायदा: इससे व्यस्त परिवारों को सुविधा होगी और प्रगणकों (Enumerators) का समय भी बचेगा.
  • सत्यापन: स्वगणना के बाद प्रगणक केवल डेटा के सत्यापन के लिए घर आएंगे.

सावधानी: ओटीपी या दस्तावेज न दें

कलेक्टर देशलदान ने एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी करते हुए कहा कि जनगणना के लिए आने वाले कार्मिक को किसी भी तरह का आधार कार्ड, पैन कार्ड या ओटीपी देने की आवश्यकता नहीं है. उन्होंने अपील की है कि नागरिक केवल सही जानकारी साझा करें और आधिकारिक कार्मिकों का सहयोग करें ताकि जिले के विकास की सटीक योजनाएं बनाई जा सकें.

प्रगणकों द्वारा दर्ज जानकारी को सुपरवाइजर द्वारा सत्यापित किया जाएगा, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और त्रुटिहीन बनी रहे.

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