राजस्थान की प्रतापगढ़ जिला पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ के तहत एक और बड़ी सफलता हासिल की है. पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के जरिए काली कमाई करने वाले आरोपी पर शिकंजा कसते हुए उसकी करीब 2.5 करोड़ रुपये की अवैध अचल संपत्ति को फ्रीज करने की कार्रवाई शुरू की है.
तस्करी की कमाई से बनाया था आलीशान मकान
जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) बी. आदित्य ने बताया कि तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए एनडीपीएस एक्ट की धारा 68F(1) के तहत यह कार्रवाई की गई है. पुलिस की वित्तीय जांच में सामने आया कि आरोपी जमशेद खान उर्फ सेठ लाला ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित धन का उपयोग कर गांव देवल्दी में एक आलीशान मकान का निर्माण करवाया था. इस संपत्ति की वर्तमान बाजार कीमत करीब 2.5 करोड़ रुपये आंकी गई है. पुलिस ने संपत्ति को फ्रीज करने का विस्तृत प्रस्ताव सक्षम प्राधिकरण (दिल्ली) को भेज दिया है.
एमपी में एमडी ड्रग्स फैक्ट्री मामले से जुड़े हैं तार
यह पूरी कार्रवाई 30 मार्च 2026 को मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में हुई एक बड़ी छापेमारी के बाद अमल में लाई गई है. उस दौरान पुलिस ने एमडी ड्रग्स (MD Drugs) बनाने वाली एक अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था. मौके से भारी मात्रा में तैयार एमडी ड्रग्स, कच्चा केमिकल और निर्माण में प्रयुक्त होने वाले उपकरण बरामद किए गए थे. उस मामले में प्रतापगढ़ से जुड़े आरोपियों की संलिप्तता पाए जाने के बाद पुलिस लगातार इनके वित्तीय नेटवर्क को खंगाल रही थी.
तस्करों में मचा हड़कंप
एसपी बी. आदित्य के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई से क्षेत्र के तस्करों में हड़कंप मच गया है. पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि अपराध से संपत्ति बनाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ के तहत पुलिस न केवल तस्करों को जेल भेज रही है, बल्कि उनकी अवैध संपत्तियों को चिन्हित कर उन्हें कुर्क और फ्रीज करने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है.

