प्रतापगढ़ जिले में जरूरतमंद लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें ऊंचे ब्याज के जाल में फंसाने वाले सूदखोरों के खिलाफ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है. पारसोला थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए अवैध ब्याज माफिया पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने इनके कब्जे से भारी मात्रा में सोने-चांदी के जेवरात, दर्जनों वाहन और कृषि उपकरण बरामद किए हैं। इस कार्रवाई के बाद से पूरे क्षेत्र के अवैध ब्याज कारोबारियों में हड़कंप मच गया है.
ऊंचे ब्याज के बदले गिरवी रखते थे कीमती सामान
प्रतापगढ़ पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि भणावता निवासी भगवानलाल प्रजापत और उसका बेटा तुलसीराम प्रजापत जरूरतमंद ग्रामीणों को अत्यधिक ऊंची ब्याज दरों पर रुपए उधार देते थे. लोन के बदले में वे पीड़ितों के सोने-चांदी के आभूषण, गाड़ियां और कृषि उपकरण गिरवी रख लेते थे. आरोप है कि ब्याज समय पर न चुका पाने की स्थिति में आरोपियों द्वारा पीड़ितों को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था, जिससे लोग इनके चंगुल में बुरी तरह फंस जाते थे.
आईपीएस के नेतृत्व में दबिश
गोपनीय सूचना के आधार पर जिला पुलिस की विशेष टीम ने प्रशिक्षु आईपीएस राहुल गोयल के नेतृत्व में आरोपियों के मकान और खेत पर एक साथ दबिश दी. तलाशी के दौरान पुलिस टीम भी दंग रह गई। मौके से 32 तोला सोना, 47 किलो 500 ग्राम चांदी, 14 मोटरसाइकिल, 1 स्कूटी, 4 कार, 1 टेंपो, 2 पिकअप, 6 ट्रैक्टर और 4 थ्रेसर मशीनों सहित कई कृषि उपकरण जब्त किए गए। इसके अलावा भारी मात्रा में खाली चेक, स्टांप पेपर, इकरारनामे और बैंक पासबुक भी बरामद हुई हैं.



धरियावद थाना अधिकारी को सौंपी जांच
पुलिस का मानना है कि जब्त किए गए दस्तावेजों से इस काले साम्राज्य के कई और बड़े राज खुल सकते हैं. फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है. मामले की अग्रिम जांच धरियावद थाना अधिकारी हजारीलाल को सौंपी गई है. पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस अवैध नेटवर्क का दायरा कहां तक फैला था और जिले के कितने लोग इस सूदखोरी का शिकार बने हैं.

