बांसवाड़ा प्रसिद्ध राष्ट्रीय तीर्थस्थल मानगढ़ धाम स्मारक क्षेत्र और उसके आस-पास के वन क्षेत्र में एक मादा पैंथर (तेंदुआ) को अपने शावकों के साथ घूमते हुए देखा गया है. वन्यजीव की इस हलचल के बाद बांसवाड़ा प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है. स्थानीय आनंदपुरी पुलिस और वन विभाग ने क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाते हुए आमजन, पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए विशेष चेतावनी (एडवाइजरी) जारी की है.
शावकों के साथ होने से अधिक आक्रामक हो सकती है मादा पैंथर
आनंदपुरी थानाधिकारी कपिल पाटीदार ने बताया कि मानगढ़ धाम स्मारक के समीपवर्ती वन क्षेत्र में मादा पैंथर अपने छोटे शावकों के साथ सक्रिय है. वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, जब मादा पैंथर के साथ उसके शावक होते हैं, तो वह उनकी सुरक्षा को लेकर अत्यधिक संवेदनशील हो जाती है और उसमें हमले की प्रवृत्ति बढ़ जाती है. ऐसे में इंसानों की थोड़ी सी भी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है. इसी को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के कड़े निर्देश दिए गए हैं.
शाम के बाद आवाजाही पर रोक, अकेले न निकलने की सलाह
प्रशासन ने मानगढ़ धाम आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय ग्रामीणों से विशेष आग्रह किया है कि वे शाम ढलने के बाद या अंधेरा होने पर धाम और आस-पास के पहाड़ी व वन क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से बिल्कुल न घूमें.
सुरक्षा को लेकर जारी गाइडलाइन:
- जंगल या सुनसान रास्तों पर अकेले जाने से पूरी तरह बचें.
- छोटे बच्चों को किसी भी परिस्थिति में अकेला या बिना निगरानी के बाहर न छोड़ें.
- जब भी बाहर निकलें, समूह (ग्रुप) में ही यात्रा करें और केवल निर्धारित मुख्य मार्गों का ही उपयोग करें.
वन विभाग रख रहा नजर; फोटो-वीडियो बनाने की न करें भूल
वन विभाग की टीम भी क्षेत्र में लगातार गश्त कर इस मूवमेंट पर नजर बनाए हुए है. अधिकारियों का कहना है कि पैंथर सामान्यतः इंसानों पर हमला नहीं करता, लेकिन शावकों की मौजूदगी के कारण इस समय सुरक्षा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है.
पुलिस और वन विभाग ने सख्त हिदायत दी है कि यदि पैंथर या उसका शावक दिखाई दे, तो उसके पास जाने या मोबाइल से फोटो-वीडियो बनाने की गलती कतई न करें. वन्यजीव दिखने पर तुरंत इसकी सूचना वन विभाग या स्थानीय पुलिस को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें.

