
डूंगरपुर जिले में लगातार गहराते बिजली संकट और अघोषित बिजली कटौती को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. डूंगरपुर जिला अध्यक्ष और विधायक गणेश घोघरा के नेतृत्व में गुरुवार को बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर उग्र प्रदर्शन किया. कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय से हॉस्टल मार्ग स्थित बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता (एसी) कार्यालय तक जोरदार पैदल मार्च निकाला और कलेक्ट्रेट व बिजली विभाग के घेराव के साथ आक्रोश जताया.
एसी ऑफिस का घेराव और जमकर नारेबाजी
पैदल मार्च के बाद आक्रोशित कांग्रेसी कार्यकर्ता बिजली विभाग के मुख्य द्वार पर पहुंचे और वहां धरना देकर बैठ गए. कार्यकर्ताओं ने अधीक्षण अभियंता (एसी) कार्यालय का घेराव करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हल्की नोकझोंक भी देखने को मिली. कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भीषण गर्मी के इस मौसम में सरकार जनता को मूलभूत सुविधाएं देने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है.
बिल आ रहे पूरे, पर घरों से बिजली गायब: विधायक घोघरा
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए डूंगरपुर विधायक गणेश घोघरा ने प्रदेश सरकार पर तीखे हमले किए. उन्होंने तंज कसते हुए कहा:
“भाजपा सरकार ने चुनाव से पहले जनता से बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन आज हकीकत सबके सामने है. जनता के बिजली के भारी-भरकम बिल तो कम नहीं हो रहे, लेकिन घरों से बिजली पूरी तरह गायब है. अघोषित कटौती के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं और शहरों में व्यापार ठप हो रहा है.”
मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
विधायक घोघरा ने बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों को चेतावनी दी है कि डूंगरपुर जिले में तुरंत प्रभाव से अघोषित बिजली कटौती पर रोक लगाई जाए और सुचारू विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए. कांग्रेस ने साफ शब्दों में प्रशासन को चेताया है कि यदि आगामी कुछ दिनों में बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो यह आंदोलन केवल घेराव तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी कांग्रेस पार्टी जनता के हक के लिए उग्र चक्काजाम और जिला स्तर पर बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होगी.

