प्रतापगढ़ जिले के साख्थली खुर्द से नगदी फंटा तक करीब 7 किलोमीटर लंबे मुख्य सड़क मार्ग की बदहाल स्थिति से क्षेत्र के ग्रामीणों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इस मार्ग पर सड़क सुधार और निर्माण का कार्य शुरू हुए करीब दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन कार्य की अत्यंत धीमी गति और अनियमित तरीके से किए जा रहे निर्माण को लेकर अब स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है.
उड़ती धूल और बिखरी गिट्टियों से राहगीर परेशान, घरों में रहना मुहाल

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार द्वारा सड़क पर जगह-जगह गिट्टी और मोटे कंकड़ डालकर छोड़ दिए गए हैं. इस उखड़ी हुई सड़क मार्ग से जब भी कोई भारी वाहन गुजरता है, तो उसके टायरों से गिट्टियां छिटकती हैं और भारी मात्रा में धूल उड़ती है. यह धूल सीधे सड़क किनारे बने घरों और दुकानों में पहुंच रही है, जिससे लोगों का सांस लेना और दैनिक जीवन जीना दूभर हो गया है. सड़क पर बिखरी इन गिट्टियों के कारण दोपहिया वाहन चालकों का संतुलन बिगड़ रहा है, जिससे आए दिन लोग चोटिल हो रहे हैं और चलना जोखिमभरा हो गया है.
गुणवत्ता पर उठे सवाल, केवल औपचारिक निरीक्षण कर रहे अधिकारी
ग्रामीणों के अनुसार, इस निर्माण कार्य में न तो कोई एकरूपता दिखाई दे रही है और न ही गुणवत्ता का ध्यान रखा जा रहा है. ठेकेदार द्वारा कहीं पूरी सड़क पर गिट्टी डाल दी गई है, तो कहीं आगे का पूरा हिस्सा अब भी अधूरा और गड्ढों में तब्दील पड़ा है.
क्षेत्रवासियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि निर्माण कार्य की निगरानी के लिए संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर तो आते हैं, लेकिन वे केवल औपचारिक निरीक्षण (खानापूर्ति) कर लौट जाते हैं. अधिकारियों के आने के बाद भी न तो कार्य की गति बढ़ाई जा रही है और न ही निर्माण में आ रही तकनीकी कमियों को दूर किया जा रहा है.
प्रशासन से निष्पक्ष जांच और जल्द कार्य पूरा करने की मांग
सड़क की इस दुर्दशा से तंग आकर क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और सार्वजनिक निर्माण विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि इस सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता की किसी निष्पक्ष एजेंसी से जांच कराई जाए. साथ ही, निर्माण कार्य को जल्द से जल्द और सही ढंग से पूरा कराया जाए, ताकि आम जनता को इस उड़ती धूल, छिटकती गिट्टियों और खराब सड़क के नरक से स्थाई राहत मिल सके.

