डूंगरपुर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के ‘जनजाति गौरव दिवस’ कार्यक्रम को बीते 9 महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन उस दौरान टूटा डूंगरपुर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का मुख्य गेट आज तक दुरुस्त नहीं किया गया है. प्रशासन के “जल्द ठीक करने” के दावे और वादे केवल कागजी साबित हो रहे हैं.

इस प्रशासनिक ढिलाई का सबसे बड़ा खामियाजा यहां अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को भुगतना पड़ रहा है.
असामाजिक तत्वों का डेरा, सुरक्षा पर बड़ा सवाल
स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में बनी तीरंदाजी अकादमी (Archery Academy) में रहकर 15 खिलाड़ी नियमित रूप से अभ्यास करते हैं. इसके अलावा प्रतिदिन सैकड़ों स्थानीय युवा और एथलीट भी यहां प्रशिक्षण के लिए आते हैं.
मुख्य गेट न होने के कारण रात के समय असामाजिक तत्व बेरोकटोक परिसर के अंदर दाखिल हो जाते हैं. परिसर में देर रात तक शराब पीना और हुड़दंग मचाना आम बात हो गई है. हुड़दंगी शराब की खाली बोतलें और गंदगी खेल के मैदान (ग्रांउंड) में ही फोड़कर फेंक देते हैं. सुबह अभ्यास के लिए आने वाले खिलाड़ियों को ग्राउंड में बिखरे कांच के टुकड़ों से चोटिल होने का डर लगातार बना रहता है.
अधिकारियों के बीच उलझा मामला
मामले को लेकर खेल और लोक निर्माण विभाग (PWD) के बीच खींचतान जारी है:
- खेल अधिकारी नरेश डामोर का रुख: तत्कालीन जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह ने PWD को मरम्मत का काम सौंपा था. खेल विभाग द्वारा PWD अधिकारियों को बार-बार फोन और रिमाइंडर भेजने के बावजूद सिर्फ आश्वासन ही मिल रहे हैं.
- PWD का दावा: PWD की सहायक अभियंता (AEN) ईशानी का कहना है कि गेट की मरम्मत का काम जल्द करा दिया जाएगा.
महीनों से जारी इस टालमटोल के बाद अब देखना यह होगा कि खेल मैदान की सुरक्षा को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों की नींद आखिर कब टूटती है.

