बांसवाड़ा जिले की स्वास्थ्य रैंकिंग को सुधारने और चिकित्सा विभाग की योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए जिला कलक्टर इंद्रजीत यादव ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है. मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में कलक्टर ने अधिकारियों को दो टूक कहा कि समस्याओं के बहाने बनाने के बजाय समाधान पर काम करें. उन्होंने लाडो प्रोत्साहन योजना में कोताही बरतने वाले ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (बीसीएमओ) को चेतावनी देते हुए हर सप्ताह विशेष रिव्यू बैठक कर शत-प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
कम प्रसव वाले अस्पतालों पर सख्ती
बैठक में कुछ चिकित्सा संस्थानों में पर्याप्त संसाधन होने के बावजूद कम प्रसव होने पर कलक्टर ने सख्त नाराजगी जताई. इस पर सीएमएचओ डॉ. खुशपाल सिंह राठौड़ ने संबंधित प्रभारियों को पाबंद किया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत आने वाली गर्भवती महिलाओं की प्रभावी काउंसलिंग की जाए. उन्होंने ग्राउंड रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए कि एएनसी (प्रसव पूर्व जांच) के बाद भी महिलाएं प्रसव के लिए दूसरे अस्पतालों में क्यों जा रही हैं.
निजी अस्पतालों में टीबी मरीज की सूचना न देने पर नोटिस
टीबी नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कलक्टर ने कहा कि यदि किसी निजी अस्पताल या क्लीनिक में टीबी का मरीज मिलता है, तो उसकी सूचना जिला क्षय निवारण केंद्र को देना कानूनी रूप से अनिवार्य है. इसमें लापरवाही बरतने वाले संस्थानों को तुरंत नोटिस जारी किया जाएगा. वहीं, आरसीएचओ डॉ. दिनेश कुमार भाबोर ने बताया कि जिले में अब तक 1923 बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी वैक्सीन लगाई जा चुकी है, जिसे अब सभी कोल्डचेन प्वाइंट्स पर उपलब्ध कराया जाएगा.
अस्पताल की दीवार से हटेंगे निजी होर्डिंग्स, हर घंटे राउंड पर रहेंगे नर्सिंग स्टाफ
कलक्टर ने एमजी अस्पताल के पीएमओ डॉ. राजीव गौतम को निर्देश दिए कि वार्डों में नर्सिंग अधिकारियों की हर घंटे विजिट सुनिश्चित की जाए. इसके साथ ही उन्होंने नगर परिषद को पत्र लिखकर जिला अस्पताल की बाउंड्री वॉल से सटे निजी अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटर्स के होर्डिंग्स को तुरंत हटवाने के निर्देश दिए. इन होर्डिंग्स की जगह सरकारी योजनाओं की आईईसी (जागरूकता) सामग्री लगाई जाएगी. बैठक में डिप्टी सीएमएचओ डॉ. राहुल डिंडोर ने मौसमी बीमारियों और जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. पीके वर्मा ने टीबी मुक्त अभियान की प्रगति रिपोर्ट पेश की.

