
बांसवाड़ा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने प्रदेश की भाजपा सरकार और केंद्र सरकार पर चौतरफा तीखा हमला बोला है. वागड़ क्षेत्र के कुशलगढ़ में एक कार्यक्रम के बाद बांसवाड़ा सर्किट हाउस पहुंचे पायलट का कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया. इस दौरान मीडिया से बातचीत में पायलट ने चुनाव टालने से लेकर अयोध्या राम मंदिर के चंदे में कथित घोटाले के मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथों लिया.
चुनाव कराने से पीछे भाग रही है सरकार
सचिन पायलट ने स्थानीय निकायों, पंचायतों और छात्रसंघ चुनावों में हो रही देरी को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा:
“जो सरकार लंबे समय से ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ की बात करती आई है, वह आज खुद चुनाव कराने से पीछे भाग रही है. हाईकोर्ट की फटकार के बावजूद सरकार कोई न कोई बहाना बनाकर चुनाव टाल रही है क्योंकि वह अपनी हार से डरी हुई है.”
पायलट ने आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था में जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों (सरपंच, प्रधान, जिला प्रमुख) को दरकिनार कर पूरा तंत्र अधिकारियों के हवाले कर दिया गया है, जिससे धरातल पर आम जनता और गरीब परेशान हैं.
‘चंदा चोरी’ और ED-CBI के दोहरे मापदंड पर सवाल
अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट और चंदे के विवाद पर बोलते हुए पायलट ने जांच एजेंसियों की निष्पक्षता पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद लोगों ने अपनी श्रद्धा से राम मंदिर के लिए दान दिया, लेकिन वहां करोड़ों रुपये का गबन जगजाहिर होने के बाद भी केवल लीपापोती की जा रही है.
उन्होंने नेशनल हेराल्ड केस का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां ₹1 का भी नकद लेनदेन नहीं हुआ, फिर भी विपक्ष के नेताओं को नोटिस भेजे जा रहे हैं. लेकिन राम मंदिर चंदे के इस ‘महापाप’ पर ED और CBI जैसी केंद्रीय एजेंसियां पूरी तरह मौन हैं.
BAP से गठबंधन पर स्थिति साफ की
वागड़ क्षेत्र में भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के साथ कांग्रेस के गठबंधन के सवाल पर पायलट ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस अपने दम पर चुनाव लड़ती आई है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर ‘इंडिया अलायंस’ (INDIA Alliance) मजबूत है, लेकिन राज्यों की स्थानीय परिस्थितियों को देखकर ही शीर्ष नेतृत्व अंतिम फैसला करेग.

