प्रतापगढ़ जिले के पारसोला वन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले भुंगा भट्ट माइंस इलाके और आसपास के गांवों में पिछले कुछ दिनों से एक पैंथर (लेपर्ड) की लगातार हलचल बनी हुई है. पैंथर की इस सक्रियता के कारण स्थानीय ग्रामीणों में भारी दहशत और खौफ का माहौल है. इस बीच, माइंस इलाके में पैंथर के बेखौफ घूमने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद वन विभाग भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है. विभाग ने पैंथर को सुरक्षित रेस्क्यू करने के लिए प्रभावित इलाके में पिंजरा लगा दिया है.
दो दिनों से मवेशियों को बना रहा निशाना
क्षेत्रीय वन अधिकारी रामलाल ने बताया कि पारसोला क्षेत्र के भुंगा भट्ट माइंस, डंपयार्ड और सूती मगरी इलाके के ग्रामीणों द्वारा पिछले दो दिनों से वन विभाग को पैंथर की आवाजाही की सूचना दी जा रही थी. ग्रामीणों के अनुसार, पैंथर आबादी क्षेत्र के नजदीक आकर लगातार शिकार की तलाश में घूम रहा है. इसी दौरान पैंथर ने गांव के ही मान्या मीणा की एक बकरी पर हमला कर उसे अपना शिकार बना लिया. इस घटना के दौरान वहां मौजूद कुछ ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाते हुए पैंथर की गतिविधियों को अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर रहा है.
ग्रामीण चिंतित: किसी भी समय हो सकता है बड़ा हादसा
स्थानीय ग्रामीण कमलेश मीणा ने वन विभाग को लिखित शिकायत सौंपकर बताया कि इस पथरीले और माइंस क्षेत्र के आसपास ग्रामीणों के पालतू पशु अक्सर खुले में बंधे रहते हैं. साथ ही, माइंस में काम करने वाले मजदूरों और स्थानीय लोगों की आवाजाही भी चौबीसों घंटे बनी रहती है. ऐसे में घने अंधेरे या सूनेपन का फायदा उठाकर पैंथर किसी इंसान या बच्चे पर भी जानलेवा हमला कर सकता है. ग्रामीणों ने वन विभाग से पैंथर को जल्द से जल्द पकड़कर घने जंगल में छोड़ने की गुहार लगाई है.
वन विभाग ने मुस्तैदी दिखाते हुए लगाया पिंजरा
मामले की गंभीरता और ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए वन विभाग की टीम ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई शुरू की. पैंथर के मूवमेंट वाले रास्तों को चिन्हित कर इलाके में एक मजबूत पिंजरा लगाया गया है, जिसमें पैंथर को ललचाने के लिए शिकार भी रखा गया है.
इसके साथ ही वन विभाग ने ग्रामीणों के लिए एक एडवाइजरी (सर्तकता अपील) जारी की है. वन अधिकारी ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अपने मवेशियों को रात के समय खुले में न बांधें, छोटे बच्चों को अकेले बाहर न भेजें और खुद भी रात या अलसुबह अकेले जंगल या माइंस क्षेत्र की ओर जाने से बचें. वन विभाग की रेस्क्यू टीम लगातार क्षेत्र में गश्त कर पैंथर की निगरानी कर रही है.

