प्रतापगढ़ जिले के अरनोद उपखंड के सेवना गांव में शनिवार सुबह उस वक्त हड़कंप और दहशत फैल गई, जब एक आदमखोर पैंथर ने रिहायशी बस्ती में घुसकर एक के बाद एक पांच लोगों पर जानलेवा हमला कर दिया. पैंथर के इस तांडव से पूरे इलाके में सनसनी फैली हुई है. सभी घायलों को त्वरित कार्रवाई करते हुए एंबुलेंस की मदद से प्रतापगढ़ जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है, जहां दो की हालत गंभीर बनी हुई है.
सुबह-सुबह किया अचानक हमला, दो पिता-पुत्र गंभीर घायल
क्षेत्रीय वन अधिकारी दिलीप सिंह गोड ने बताया कि सुबह सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर रवाना हो गई थी. प्रत्यक्षदर्शी मांगीलाल के अनुसार, सेवना गांव में नाले के पास स्थित एक मंदिर में पैंथर छुपा हुआ था. सुबह जब ग्रामीण कृषि कार्य और अन्य दैनिक कार्यों के लिए बाहर निकले, तो पैंथर ने उन पर अचानक हमला बोल दिया.
इस हमले में रामचंद्र मीणा, उनका बेटा बंसीलाल, दीपक कुमार, हीरालाल और दिलीप कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए. इनमें से रामचंद्र और उनके बेटे बंसीलाल पर पैंथर ने बेरहमी से वार किया है, जिससे दोनों की हालत नाजुक बताई जा रही है. जिला अस्पताल के डॉक्टर्स की टीम सभी घायलों के उपचार में जुटी है.
पुलिया के नीचे छिपा, फिर दूसरे गांव में भी मचाया कोहराम
हमले के बाद जब बड़ी संख्या में ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर मौके पर इकट्ठा हुए और शोर मचाना शुरू किया, तो पैंथर भागकर पास ही एक पुलिया के नीचे जा छिपा. ग्रामीणों के लगातार हल्ला करने पर वह वहां से निकलकर पास के ही दूसरे गांव की तरफ भाग गया. बताया जा रहा है कि इस खूंखार पैंथर ने दूसरे गांव में भी दो अन्य लोगों को अपना शिकार बनाकर घायल कर दिया है, जिससे अब कई गांवों में दहशत का माहौल है.
वन विभाग ने लगाया पिंजरा, रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू
घटना के बाद से ही वन विभाग की टीम मुस्तैद है. पैंथर को सुरक्षित पकड़ने के लिए प्रभावित इलाके में पिंजरा लगा दिया गया है और एक्सपर्ट्स की निगरानी में बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अकेले खेतों या सुनसान रास्तों पर जाने से बचें, पूरी सावधानी बरतें और पैंथर की कोई भी हलचल दिखने पर तुरंत इसकी सूचना वन कर्मियों को दें.

