डूंगरपुर अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा के दो वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रविवार को डूंगरपुर शहर में उत्सव जैसा माहौल रहा. इस ऐतिहासिक अवसर पर शहर के श्रीनाथजी मंदिर में विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें पूरा शहर ‘जय श्रीराम’ के नारों से गुंजायमान हो उठा.
भव्य शोभायात्रा: आकर्षण का केंद्र रहीं झांकियां
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण शहर के मुख्य मार्गों से निकली भव्य शोभायात्रा रही. शोभायात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़े. महिलाएं, पुरुष और युवा केसरिया साफे और भगवा वस्त्र धारण कर शामिल हुए. यात्रा में भगवान श्रीराम के दरबार, भारत माता और स्वामी विवेकानंद की सजीव झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं. श्रद्धालुओं ने गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और धार्मिक भजनों पर जमकर नृत्य किया. विशेष रूप से गुजराती गरबा और पारंपरिक गीतों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया.
पुराने शहर से श्रीनाथजी मंदिर तक उत्साह
शोभायात्रा पुराने शहर के प्रमुख मोहल्लों और बाजारों से होते हुए श्रीनाथजी मंदिर पहुंची. रास्ते भर लोगों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया. जगह-जगह सामाजिक संगठनों द्वारा ठंडे पानी और अल्पाहार की व्यवस्था भी की गई. सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद नजर आया.
हिंदू सम्मेलन: एकता और संगठन पर जोर
शोभायात्रा के समापन के बाद श्रीनाथजी मंदिर परिसर में हिंदू सम्मेलन आयोजित हुआ. सम्मेलन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण केवल एक मंदिर का निर्माण नहीं, बल्कि भारत के सांस्कृतिक पुनरुत्थान का प्रतीक है. वक्ताओं ने हिंदू समाज की एकता, संगठन की शक्ति और नई पीढ़ी को सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का पुरजोर आह्वान किया.

