राजस्थान के डूंगरपुर जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है. जिस घर में दो दिन बाद बेटी की शहनाइयां गूंजने वाली थीं, वहां अब कोहराम मचा हुआ है. सदर थाना क्षेत्र के देवल के पास हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक मां को उसकी बेटी के हाथ पीले देखने से पहले ही छीन लिया.
कार्ड बांटने जा रहे थे मां-बेटे
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उदयपुर जिले के ऋषभदेव थाना क्षेत्र के बिलक गांव निवासी काली देवी (50) अपने बेटे राहुल के साथ बाइक पर सवार होकर रिश्तेदारों को शादी का ‘नौतरा’ (निमंत्रण) देने डूंगरपुर आ रही थीं. काली देवी की बेटी इन्दु की शादी आगामी 13 फरवरी को होनी तय थी. घर में मंगल गीत गाए जा रहे थे और उत्सव का माहौल था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था.
तेज रफ्तार कार ने ली जान
हादसा देवल क्षेत्र के पास हुआ, जहां एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी भीषण थी कि काली देवी उछलकर सड़क पर जा गिरीं और उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं. हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई. राहगीरों की मदद से घायल मां-बेटे को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद काली देवी को मृत घोषित कर दिया. इस हादसे में बेटा राहुल चमत्कारिक रूप से बाल-बाल बच गया, लेकिन उसकी आंखों के सामने मां की जान चली गई.
अस्पताल में पसरा सन्नाटा, गमगीन हुआ गांव
जैसे ही राहुल को मां की मौत की सूचना मिली, वह अस्पताल परिसर में ही दहाड़ें मारकर रोने लगा. उसकी चीखें सुनकर वहां मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों और अन्य लोगों की आंखें भी नम हो गईं. राहुल बार-बार अपनी मां को पुकार रहा था, जिसे सुनकर हर कोई स्तब्ध रह गया. महज 48 घंटे बाद जिस घर से बेटी की डोली उठनी थी, अब वहां से मां की अर्थी उठेगी.
पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को मोर्चरी में रखवाया. पुलिस ने अज्ञात कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. फिलहाल पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और प्रत्यक्षदर्शियों के आधार पर दुर्घटना कारित करने वाले वाहन की तलाश कर रही है. इस घटना के बाद बिलक गांव और रिश्तेदारों के बीच शोक की लहर है.

