डूंगरपुर। भगवान शिव की आराधना का महापर्व महाशिवरात्रि इस वर्ष 15 फरवरी को अत्यंत उत्साह के साथ मनाया जाएगा. जिले के शिवालयों में उत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं. विशेष रूप से प्रसिद्ध देवसोमनाथ और भुवनेश्वर महादेव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए दर्शन सुबह 4 बजे से ही शुरू कर दिए जाएंगे.
देवसोमनाथ: साबूदाना खिचड़ी का मिलेगा प्रसाद
जिले के ऐतिहासिक देवसोमनाथ शिवालय में सुबह 4:30 बजे महादेव के प्रथम दर्शन होंगे.
- अभिषेक व पूजा: मंदिर के कपाट खुलते ही पंचामृत (दूध, दही, घी) और बिल्व पत्रों से विशेष अभिषेक किया जाएगा.
- विशेष श्रृंगार: भगवान भोलेनाथ को फूलों की भव्य ‘आंगी’ से सजाया जाएगा.
- आरती: सुबह 6:30 बजे पहली आरती होगी.
- व्यवस्था: श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए महिला और पुरुषों की अलग-अलग कतारें होंगी। भक्तों के लिए 5 क्विंटल साबूदाना खिचड़ी का प्रसाद तैयार किया जा रहा है.
भुवनेश्वर महादेव: आकर्षक रोशनी से नहाया मंदिर
शहर से 13 किमी दूर स्थित भुवनेश्वर महादेव मंदिर के कपाट सुबह 4 बजे खुलेंगे.
- कार्यक्रम: सुबह 7 बजे मंगल आरती और शाम 7 बजे संध्या आरती होगी। दोपहर में भगवान को विशेष भोग लगाया जाएगा.
- सजावट: पूरे मंदिर परिसर को आकर्षक लाइटिंग और फूलों से सजाया गया है। रात 8 बजे पट बंद होने तक दर्शनों का सिलसिला जारी रहेगा.
जिलेभर में मेलों की धूम
महाशिवरात्रि के अवसर पर केवल दर्शन ही नहीं, बल्कि मेलों का भी आकर्षण रहेगा. देवसोमनाथ और भुवनेश्वर महादेव के साथ-साथ संगमेश्वर महादेव, काटकेश्वर, गोरेश्वर शिवालय और प्रसिद्ध बेणेश्वर धाम पर भी मेलों का आयोजन होगा. यहाँ श्रद्धालु भगवान के दर्शन के बाद सपरिवार मेले का लुत्फ उठा सकेंगे. प्रशासन और मंदिर कमेटियों ने सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं।

