राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के आगामी बेणेश्वर धाम दौरे को लेकर जिले में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है. मुख्यमंत्री आगामी 16 मार्च को वागड़ के प्रयाग कहे जाने वाले बेणेश्वर धाम पहुंचेंगे, जहां वे ‘जनजाति गौरव दिवस’ के उपलक्ष्य में आयोजित विशाल कार्यक्रम में शिरकत करेंगे. इस महत्वपूर्ण दौरे की पूर्व तैयारियों की समीक्षा करने के लिए प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी सक्रिय मोड में नजर आ रहे हैं.
उच्चाधिकारियों की टीम ने किया मौका मुआयना
तैयारियों का जायजा लेने के लिए हाल ही में टीएडी (जनजाति क्षेत्रीय विकास) विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव कुंजीलाल मीणा, संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी और आईजी गौरव श्रीवास्तव बेणेश्वर धाम पहुंचे. अधिकारियों के इस दल ने कार्यक्रम स्थल, सभा स्थल और मंदिर परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने आयोजन को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए.
सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर विशेष फोकस
निरीक्षण के दौरान डूंगरपुर जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह और एसपी मनीष कुमार भी साथ रहे, जिन्होंने उच्चाधिकारियों को सुरक्षा खाके और अब तक की गई व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी दी. समीक्षा बैठक और फील्ड विजिट के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर चर्चा की गई:
- हेलीपैड और लैंडिंग: मुख्यमंत्री के आगमन के लिए सुरक्षित हेलीपैड निर्माण और लैंडिंग प्रोटोकॉल की समीक्षा.
- भीड़ प्रबंधन: ‘जनजाति गौरव दिवस’ में जुटने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग और बैठक व्यवस्था.
- सुरक्षा व्यवस्था: मंदिर दर्शन के दौरान सुरक्षा घेरा और दर्शनार्थियों के आवागमन के लिए सुगम मार्ग प्रबंधन.
- विभागीय समन्वय: सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और आयोजन में किसी भी प्रकार की कोताही न बरतने की हिदायत दी गई.
वागड़ के लिए महत्वपूर्ण है यह दौरा
मुख्यमंत्री का यह दौरा न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. बेणेश्वर धाम आदिवासियों की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र है, और वहां ‘जनजाति गौरव दिवस’ का आयोजन क्षेत्र के विकास और सांस्कृतिक संरक्षण के संकल्प को दोहराता है. प्रशासन का पूरा प्रयास है कि मुख्यमंत्री का यह प्रवास पूरी तरह सुरक्षित और सफल रहे.

