डूंगरपुर जिले में रसोई गैस की किल्लत की खबरों के बीच रसद विभाग ने स्थिति स्पष्ट की ह. जिला रसद अधिकारी (DS0) ओमप्रकाश जोतड़ ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता के दौरान आश्वस्त किया कि जिले में एलपीजी की कोई कमी नहीं है. सभी गैस एजेंसियों के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं.
संस्थानों और इंदिरा रसोई को प्राथमिकता
जिला रसद अधिकारी ने बताया कि जिले की तीनों मुख्य एजेंसियों के पास पर्याप्त सिलेंडर उपलब्ध हैं और गैस प्लांट पर भी आगामी 7 दिनों का बैकअप स्टॉक मौजूद है. उन्होंने स्पष्ट किया कि:
- शिक्षण एवं चिकित्सा संस्थान: यदि ये संस्थान अपने लेटर पैड पर लिखित मांग देते हैं, तो उन्हें आवश्यकतानुसार कमर्शियल और घरेलू सिलेंडर तुरंत उपलब्ध कराए जाएंगे.
- इंदिरा रसोई योजना: सरकार की इस प्राथमिकता वाली योजना के लिए अलग से दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं ताकि भोजन पकाने में कोई बाधा न आए.
सर्वर डाउन की समस्या और वैकल्पिक व्यवस्था
ऑनलाइन बुकिंग नंबर बंद होने की शिकायतों पर DSO ने स्वीकार किया कि अत्यधिक लोड के कारण सर्वर में तकनीकी समस्या आ रही है. इसके समाधान के लिए एजेंसियों को ऑफलाइन रजिस्टर मेंटेन करने के निर्देश दिए गए हैं. नियम के अनुसार, जिन उपभोक्ताओं की पिछली डिलीवरी को 25 दिन पूरे हो चुके हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सिलेंडर दिए जा रहे हैं.
कालाबाजारी रोकने के लिए विशेष टीमें तैनात
गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर अंकुश लगाने के लिए विभाग सख्त मोड में है:
- विजिलेंस टीम: कालाबाजारी रोकने के लिए 4 सदस्यीय विशेष टीम और एक अलग विजिलेंस टीम का गठन किया गया है.
- कंट्रोल रूम: उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जो सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक कार्यरत रहेगा.
ग्रामीण क्षेत्रों में भी सप्लाई के फेरे बढ़ा दिए गए हैं ताकि दूर-दराज के उपभोक्ताओं को परेशानी न हो. विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और समस्या होने पर सीधे कंट्रोल रूम में संपर्क करें.

