राजस्थान के डूंगरपुर जिले में ग्राम विकास अधिकारी संघ (VDO Union) ने पंचायतीराज विभाग के हालिया आदेशों के खिलाफ विरोध का बिगुल फूंक दिया है. संघ ने विभाग द्वारा जारी ग्रामसभाओं के आयोजन संबंधी निर्देशों को नियमों के विरुद्ध बताते हुए इनका पूर्ण बहिष्कार करने की घोषणा की है. इस फैसले से ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाली महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठकों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं.
अधिनियम के उल्लंघन का गंभीर आरोप
ग्राम विकास अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष राहुल रोत ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि पंचायतीराज विभाग ने नियमों और अधिनियमों की पूरी तरह अनदेखी की है. विभाग ने ग्रामसभा आयोजित करने के निर्देश महज एक दिन पूर्व जारी किए हैं, जो पंचायतीराज अधिनियम की तय प्रक्रिया का सीधा उल्लंघन है. संघ का तर्क है कि किसी भी ग्रामसभा के सफल और सार्थक आयोजन के लिए ग्रामीणों को पर्याप्त सूचना और समय देना अनिवार्य होता है, लेकिन विभाग की जल्दबाजी से प्रक्रिया का मजाक बन रहा है.
पदोन्नति और अन्य मांगों पर गहराया असंतोष
सिर्फ ग्रामसभाओं का समय ही नहीं, बल्कि विभाग में लंबे समय से लंबित पदोन्नति (Promotions) की मांग को लेकर भी अधिकारियों में भारी नाराजगी है. संघ का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर सरकार को अवगत करा रहे हैं, लेकिन प्रशासन का उदासीन रवैया फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों का मनोबल तोड़ रहा है. बिना पदोन्नति और स्पष्ट कार्यनीति के कर्मचारियों में काम के प्रति उत्साह कम हो रहा है.
आंदोलन की रणनीति: 8 अप्रैल को होगा बड़ा घेराव
अपनी मांगों को मनवाने के लिए संघ ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है. जिलाध्यक्ष ने आगामी आंदोलन की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि:
- 23 मार्च: जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन कर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा.
- 8 अप्रैल: यदि विभाग ने मांगों पर विचार नहीं किया, तो प्रदेश और जिला स्तर पर बड़ा घेराव और प्रदर्शन किया जाएगा.
संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जाता और नियमों के अनुसार कार्यप्रणाली तय नहीं होती, उनका बहिष्कार और आंदोलन जारी रहेगा. इस विरोध के चलते जिले की कई पंचायतों में विकास कार्य और जनसुनवाई प्रभावित होने की आशंका है.

