Headlines

डूंगरपुर: बिछीवाड़ा थाने के बाहर विधायक गणेश घोघरा का धरना, पुलिस पर युवक की बर्बर पिटाई का आरोप

राजस्थान के डूंगरपुर जिले में पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए सोमवार को सियासी पारा गरमा गया. बिछीवाड़ा थाने में पूछताछ के नाम पर एक युवक के साथ हुई कथित अमानवीय मारपीट के विरोध में डूंगरपुर विधायक और कांग्रेस जिलाध्यक्ष गणेश घोघरा अपने समर्थकों के साथ थाने के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए हैं. विधायक ने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल निलंबन और सख्त कार्रवाई की मांग की है.

क्या है पूरा मामला?

मामले की शुरुआत एक गुमशुदगी की रिपोर्ट से हुई. शिशोद फला वागदरी निवासी नेपाल गौड़ ने 18 मार्च को बिछीवाड़ा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसका भाई कालू गौड़ घर नहीं लौटा है. नेपाल ने शक जताया था कि कालू को महेन्द्र परमार नामक युवक मजदूरी के लिए गुजरात ले गया था और तब से उसका कुछ पता नहीं है.

शक के आधार पर पुलिस महेन्द्र को पूछताछ के लिए थाने लेकर आई. आरोप है कि पुलिस ने पूछताछ के दौरान महेन्द्र के साथ इतनी बेरहमी से मारपीट की कि वह गंभीर रूप से चोटिल हो गया.

‘लापता’ युवक के घर लौटने पर खुला राज

हैरानी की बात तब सामने आई जब 21 मार्च को लापता बताया जा रहा कालू गौड़ खुद ही सुरक्षित घर लौट आया. कालू ने बताया कि वह कहीं और काम करने चला गया था. जैसे ही परिजनों को पता चला कि महेन्द्र को निर्दोष होने के बावजूद पुलिस ने बर्बरता से पीटा है, ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया.

विधायक का अल्टीमेटम: “नहीं सहेंगे आदिवासियों पर अत्याचार”

विधायक गणेश घोघरा ने घायल महेन्द्र और उसके परिजनों के साथ थाने के बाहर जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा:

“एक तरफ पुलिस जनता की सुरक्षा का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ निर्दोष आदिवासियों को बिना सबूत के जानवरों की तरह पीटा जा रहा है. जब तक दोषी पुलिसकर्मियों पर विभागीय कार्रवाई नहीं होती, यह धरना समाप्त नहीं होगा.”

फिलहाल, थाने के बाहर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और भारी संख्या में ग्रामीण जमा हैं. पुलिस प्रशासन के उच्च अधिकारी मामले को शांत करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन विधायक अपनी मांग पर अड़े हुए हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *