डूंगरपुर राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ (पंजीकृत) के आह्वान पर सोमवार को डूंगरपुर जिला मुख्यालय पर ग्राम विकास अधिकारियों (VDO) ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया. ‘पदोन्नति नहीं तो काम नहीं’ के नारे के साथ आक्रोशित अधिकारियों ने कलेक्ट्रेट के बाहर नारेबाजी की और जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा.
29 साल से पदोन्नति का इंतजार, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ बना बाधा
ग्राम विकास अधिकारी संघ के जिला अध्यक्ष राहुल रोत ने बताया कि जिले और प्रदेश के ग्राम विकास अधिकारी पिछले लंबे समय से सरकार की अनदेखी का शिकार हो रहे हैं. उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के चलते 8 मई 2025 को ग्राम विकास अधिकारियों की पदोन्नति प्रक्रिया को स्थगित कर दिया गया था, जो अब तक बहाल नहीं हो पाई है. कई अधिकारी ऐसे हैं जो पिछले 27 से 29 वर्षों से एक ही पद पर कार्य कर रहे हैं और बिना पदोन्नति के सेवानिवृत्ति के करीब पहुंच गए हैं.
छुट्टी के दिन ग्राम सभा के आदेश का बहिष्कार
संघ ने सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए. रोत ने बताया कि सरकार द्वारा मनमर्जी से ग्राम सभाओं के आयोजन के आदेश जारी किए जा रहे हैं. हाल ही में 20 मार्च को अवकाश के दिन ग्राम सभा आयोजित करने का फरमान महज एक दिन पहले सुनाया गया, जिसका संघ ने कड़ा विरोध करते हुए सामूहिक बहिष्कार किया था.
8 अप्रैल को जयपुर में महापड़ाव और सीएम आवास का घेराव
ज्ञापन के माध्यम से संघ ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि यदि 30 मार्च तक उनकी पदोन्नति और अन्य जायज मांगें पूरी नहीं की गईं, तो आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा. इसके तहत 8 अप्रैल को जयपुर में महापड़ाव डाला जाएगा और मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा.
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ग्राम विकास अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने एक स्वर में कहा कि यदि सरकार ने जल्द सुध नहीं ली तो ग्रामीण विकास के कार्यों को ठप कर प्रदेश व्यापी आंदोलन किया जाएगा.

