राजस्थान सरकार के ‘शुद्ध आहार मिलावट पर वार’ अभियान के तहत सलूंबर जिले में मिलावटखोरों के खिलाफ कार्यवाही तेज कर दी गई है. जिला कलेक्टर अवधेश मीणा और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा दल ने सोमवार को जयसमंद क्षेत्र में औचक निरीक्षण कर बड़ी मात्रा में दूषित खाद्य सामग्री नष्ट करवाई और नमूने लिए.
जयसमंद बस स्टैंड पर औचक निरीक्षण
खाद्य सुरक्षा अधिकारी घनश्याम सिंह सोलंकी के नेतृत्व में टीम ने जयसमंद बस स्टैंड स्थित मैसर्स सूरजमल कन्हैया लाल जैन फर्म पर छापा मारा. निरीक्षण के दौरान दुकान में भारी अनियमितताएं पाई गईं. विक्रेता के पास न तो खाद्य अनुज्ञा पत्र (License) उपलब्ध था और न ही उसे नियमनुसार दुकान पर प्रदर्शित किया गया था. इसके अलावा दुकान में साफ-सफाई का भी अत्यधिक अभाव मिला.
50 किलो दूषित सामग्री नष्ट, खुले तेल की बिक्री पर रोक
कार्यवाही के दौरान टीम ने पाया कि फर्म पर अधिकतर खाद्य सामग्री बिना लेबल के बेची जा रही थी और खाद्य तेल को भी खुले रूप में बेचा जा रहा था, जो नियमों के विरुद्ध है. मौके पर 50 किलो नमकीन, बेसन और तेल जैसी सामग्री दूषित और अवधि पार (Expired) पाई गई. जनहित को ध्यान में रखते हुए गवाहों की मौजूदगी में इस सामग्री को मौके पर ही नष्ट करवाया गया. विभाग द्वारा उक्त फर्म को कमियों के सुधार हेतु ‘इम्प्रूवमेंट नोटिस’ जारी किया जा रहा है.
जांच के लिए भेजे गए नमूने
खाद्य सुरक्षा दल ने गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न प्रतिष्ठानों से नमूने लिए:
- मैसर्स सूरजमल कन्हैया लाल जैन: नमकीन (रिफाइंड पाम ऑयल निर्मित) और किशमिश के नमूने.
- जोधपुर मिष्ठान व बर्थडे केक पार्लर: मिल्क केक का नमूना.
इन सभी नमूनों को जांच के लिए जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला भेजा गया है. रिपोर्ट प्राप्त होने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत कड़ी विधिक कार्यवाही की जाएगी.
व्यापारियों को दी गई सख्त हिदायत
कार्यवाही के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने जयसमंद बस स्टैंड के अन्य मिष्ठान और किराना व्यापारियों को खाद्य गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए. व्यापारियों को खुले में खाद्य सामग्री न बेचने, निर्माण में उच्च गुणवत्ता वाले पदार्थों का उपयोग करने और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने हेतु पाबंद किया गया.

