डूंगरपुर जिला कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को जिला सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. अतिरिक्त जिला कलेक्टर (ADM) दिनेशचंद्र धाकड़ की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने और सुरक्षा मानकों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर विस्तृत चर्चा की गई.
समन्वय और समीक्षा पर जोर
बैठक के दौरान एडीएम धाकड़ ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर आपसी समन्वय अनिवार्य है. सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता मोहनराम विश्नोई ने पिछली बैठक के निर्णयों पर हुई प्रगति की रिपोर्ट प्रस्तुत की. एडीएम ने पूर्व निर्देशों की समीक्षा करते हुए लंबित कार्यों को समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए.
नियम तोड़ने वालों पर नकेल
यातायात व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए एडीएम ने कहा कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए. उन्होंने मोटर वाहन अधिनियम के तहत की गई अब तक की कार्यवाही और दुर्घटनाओं के डेटा को ‘ई-डाक’ पोर्टल पर नियमित रूप से अपलोड करने की समीक्षा की. उन्होंने ब्लैक स्पॉट्स (दुर्घटना संभावित क्षेत्र) की पहचान कर वहां तुरंत सुधारात्मक कार्य, संकेतक पट्टिकाएं, रिफ्लेक्टर और चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए.
विभागों को सौंपे गए विशेष उत्तरदायित्व
बैठक में विभिन्न विभागों को सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु विशिष्ट कार्य सौंपे गए:
- नगर परिषद: सड़कों और फुटपाथों से तत्काल अतिक्रमण हटाने तथा आवारा पशुओं को गौशाला भेजने के निर्देश दिए गए.
- चिकित्सा विभाग: वाहन चालकों के लिए विशेष नेत्र जांच शिविर आयोजित करने को कहा गया.
- शिक्षा विभाग: स्कूली विद्यार्थियों को हेलमेट पहनने और यातायात नियमों के पालन की शपथ दिलाने के साथ जागरूकता रैलियां निकालने के निर्देश दिए गए.
- सार्वजनिक निर्माण विभाग: सड़कों के किनारे उगी झाड़ियों की कटाई सुनिश्चित करने को कहा गया ताकि विजिबिलिटी (दृश्यता) बेहतर हो सके.
बैठक में अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विपिन मीणा सहित पुलिस, परिवहन और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे. प्रशासन का लक्ष्य इन साझा प्रयासों से जिले में सड़क हादसों की दर को न्यूनतम स्तर पर लाना है.

