डूंगरपुर जिले के बिछीवाड़ा थाने में एक आदिवासी युवक के साथ पुलिस द्वारा की गई कथित बेरहमी और मारपीट का मामला अब बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है. डूंगरपुर विधायक गणेश घोघरा के नेतृत्व में सोमवार दोपहर से शुरू हुआ धरना मंगलवार सुबह ‘महापड़ाव’ में तब्दील हो गया है. विधायक और उनके सैकड़ों समर्थकों ने कड़ाके की ठंड और खुले आसमान के नीचे पूरी रात थाने के बाहर ही गुजारी.
दूसरे दिन भी जारी है गतिरोध
मंगलवार सुबह होते ही बिछीवाड़ा थाने के बाहर प्रदर्शनकारियों की भीड़ और बढ़ गई है. विधायक गणेश घोघरा पीड़ित युवक महेंद्र परमार और उसके परिजनों के साथ धरने पर अडिग हैं. विधायक का स्पष्ट कहना है कि जब तक मारपीट के दोषी पुलिसकर्मियों को निलंबित कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही नहीं की जाती, यह महापड़ाव समाप्त नहीं होगा.
पुलिस की कार्यशैली पर खड़े किए गंभीर सवाल
धरना स्थल से प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए विधायक गणेश घोघरा ने पुलिस पर संगीन आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि:
- पुलिस निर्दोष आदिवासी युवाओं को पूछताछ के नाम पर डरा-धमका रही है.
- बिछीवाड़ा पुलिस ने महेंद्र परमार को बेरहमी से पीटा, जिससे उसे गंभीर चोटें आई हैं.
- क्षेत्र में आदिवासियों को फर्जी मुकदमों में फंसाकर प्रताड़ित करने का खेल चल रहा है जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
तनावपूर्ण स्थिति, भारी पुलिस जाप्ता तैनात
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस मुख्यालय अलर्ट मोड पर है. बिछीवाड़ा थाने के बाहर और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस जाप्ता तैनात किया गया है. आला अधिकारी लगातार विधायक से वार्ता कर समझाइश का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन विधायक अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं.

