ऊपरगांव जीव दया और सेवा की भारतीय परंपरा को जीवंत रखते हुए ग्राम आसेला के निवासियों ने एक सराहनीय पहल की है. महावीर धर्मादा संस्थान द्वारा संचालित भंडारिया गोशाला में चारे के संकट को देखते हुए ग्रामीणों और कुवैत में रह रहे प्रवासी भाई-बहनों ने मिलकर सहयोग का हाथ बढ़ाया है. गुरुवार को ग्रामवासियों की ओर से गोवंश के लिए दो मिनी ट्रक घास गोशाला को भेंट की गई.
सामूहिक सहयोग से जुटाए 30 हजार रुपए
गांव की सक्रिय सदस्य सुशीला पाटीदार ने बताया कि गोशाला में रह रहे गोवंश के बेहतर पालन-पोषण के लिए गांव में एक जन-सहयोग अभियान चलाया गया था. इस अभियान में न केवल स्थानीय ग्रामीणों ने उत्साह दिखाया, बल्कि कुवैत में रह रहे प्रवासियों और महिला मंडल का भी विशेष योगदान रहा. सभी के सामूहिक प्रयासों से लगभग 30 हजार रुपए की राशि एकत्रित की गई, जिससे 50 क्विंटल (दो मिनी ट्रक) उच्च गुणवत्ता वाली घास खरीदकर गोशाला पहुंचाई गई.
प्रवासियों का अपनी मिट्टी से जुड़ाव
यह आयोजन इस बात का प्रतीक है कि सात समंदर पार रहने के बाद भी आसेला के प्रवासी अपनी संस्कृति और सेवा भाव को नहीं भूले हैं. कुवैत में रह रहे भक्तों द्वारा निरंतर मिल रहा सहयोग क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है. भंडारिया गोशाला प्रबंधन ने ग्रामीणों के इस निस्वार्थ सेवा कार्य की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से मिलने वाला यह सहयोग ही गोशाला के संचालन का मुख्य आधार है.
इनकी रही गरिमामय उपस्थिति
घास वितरण और इस सेवा कार्य के दौरान गांव के कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे. इस अवसर पर प्रेमजी भाई, लालशंकर पाटीदार के साथ-साथ महिला शक्ति का विशेष प्रतिनिधित्व रहा, जिनमें पुष्पादेवी, मणि देवी, हीरदेवी, पूंजीदेवी, हूरजदेवी, भूरीदेवी, कमलादेवी, राधादेवी, गीतादेवी सहित समस्त ग्रामवासी मौजूद थे.

