डूंगरपुर जिले में रसोई गैस वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है. विभाग के नवीनतम निर्देशों के अनुसार, अब जिले की किसी भी गैस एजेंसी द्वारा बिना ऑनलाइन बुकिंग और बिना ओटीपी (OTP) के गैस सिलेंडर की डिलीवरी नहीं की जाएगी. उपभोक्ताओं को अब शत-प्रतिशत सिलेंडर ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से ही प्राप्त करने होंगे.
सतर्कता दल ने किया गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण
जिला रसद विभाग (आरएएस अधिकारी) ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में गठित संयुक्त सतर्कता दल द्वारा विभिन्न गैस एजेंसियों का गहन निरीक्षण किया गया है. इस कार्रवाई के तहत कल्याणी गैस एजेंसी (आसपुर), अंजलि इण्डेन (सागवाड़ा), पूनम इण्डेन (झौंथरी), सागवाड़ा गैस सर्विस, मातेश्वरी गैस एजेंसी (सीमलवाड़ा) और गैजी इंडेन ग्रामीण वितरक सहित कई अन्य एजेंसियों की जांच की गई. निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि गैस का वितरण निर्धारित नियमों के तहत ही हो रहा है.
जिले में पर्याप्त स्टॉक: पैनिक होने की जरूरत नहीं
प्रशासन ने आंकड़ों के जरिए स्पष्ट किया है कि जिले में गैस और ईंधन की कोई कमी नहीं है. वर्तमान में जिले की सभी एजेंसियों पर कुल 6,472 घरेलू सिलेंडर और 198 व्यावसायिक सिलेंडरों का स्टॉक उपलब्ध है. जिले की औसत दैनिक खपत लगभग 3,303 घरेलू सिलेंडर है, जो कि स्टॉक की तुलना में सुरक्षित स्थिति में है. इसके साथ ही जिले में पेट्रोल और डीजल का भी अगले 6 से 7 दिनों की मांग के अनुसार पर्याप्त भंडार मौजूद है.
आमजन से अपील: अनावश्यक भंडारण न करें
जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक होकर ईंधन या गैस का अनावश्यक भंडारण न करें. रसद विभाग ने स्पष्ट किया है कि मांग के अनुसार आपूर्ति निरंतर जारी रहेगी. उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे अपने गैस कनेक्शन के साथ रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर को अपडेट रखें ताकि डिलीवरी के समय ओटीपी प्राप्त करने में कोई असुविधा न हो.

