डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत ‘गिवो का वेरा’ स्थित जंगलों में गुरुवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब वहां भीषण आग लग गई. सूखे पत्तों और तेज हवाओं के कारण आग की लपटें इतनी विकराल हो गईं कि वे तेजी से आबादी क्षेत्र की ओर बढ़ने लगीं. इस घटना से स्थानीय निवासियों में हड़कंप मच गया, हालांकि दमकल विभाग की मुस्तैदी से एक बड़ा हादसा टल गया.
5 घंटे का रेस्क्यू ऑपरेशन और भारी नुकसान
सागवाड़ा नगरपालिका के फायर ऑफिसर निलेश पाटीदार ने बताया कि वार्ड नंबर 35 में आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल की टीम तत्काल मौके पर रवाना की गई. आग की भयावहता को देखते हुए फायर ब्रिगेड के दो वाहनों ने मोर्चा संभाला. दमकल कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर करीब 5 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया.
इस दौरान फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को पानी भरने के लिए 4-4 फेरे लगाने पड़े. हालांकि, आग पर काबू पाने से पहले ही जंगल के पास स्थित एक वाटर आरओ (RO) प्लांट इसकी चपेट में आ गया और जलकर पूरी तरह खाक हो गया. इससे प्लांट मालिक को भारी आर्थिक नुकसान पहुँचा है.
जांबाज टीम ने टाला बड़ा हादसा
फायर ऑफिसर निलेश पाटीदार के नेतृत्व में टीम ने जिस मुस्तैदी से काम किया, उसी का परिणाम था कि आग को रिहायशी घरों तक पहुँचने से पहले ही रोक दिया गया. यदि आग आबादी क्षेत्र में प्रवेश कर जाती, तो जन-धन की बड़ी हानि हो सकती थी.
बचाव दल में शामिल रहे जांबाज:
- नेतृत्व: निलेश पाटीदार (फायर ऑफिसर)
- टीम सदस्य: अक्षय, भरत, शांति
- वाहन चालक: नरेश, राजेंद्र और मनोहर
इस बचाव अभियान के दौरान स्थानीय पार्षद गटा भाई और क्षेत्र के निवासियों ने भी दमकल कर्मियों का कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग किया. फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्रारंभिक तौर पर इसे भीषण गर्मी और सूखे कचरे का परिणाम माना जा रहा है.

