उदयपुर जिले के झाड़ोल-फलासिया क्षेत्र से एक बेहद हृदयविदारक और आक्रोश पैदा करने वाली घटना सामने आई है. यहाँ अज्ञात शरारती तत्वों द्वारा जहरीला पदार्थ देकर एक साथ 8 बकरियों को मार दिया गया. इस सामूहिक पशु वध की घटना ने न केवल पशुपालकों की कमर तोड़ दी है, बल्कि पूरे क्षेत्र में तनाव और गहरा रोष व्याप्त है.
विप्र फाउंडेशन और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना सबसे पहले अधिवक्ता निर्मल कुमार पंडित को मिली, जिन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत विप्र फाउंडेशन के महामंत्री विनोद नागदा और अनुज दीक्षित को अवगत कराया. सूचना मिलते ही फाउंडेशन के पदाधिकारी सक्रिय हुए और तत्काल पशु चिकित्सक डॉक्टर राजेंद्र से संपर्क कर मामले की जानकारी दी.
उदयपुर में आज होगा पोस्टमार्टम
घटना के तुरंत बाद सभी मृत बकरियों को पोस्टमार्टम के लिए उदयपुर स्थित मुख्य पशु चिकित्सालय लाया गया. हालांकि, गुरुवार देर रात होने के कारण प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी थी. चिकित्सकों के अनुसार, शुक्रवार (आज) सभी बकरियों का पोस्टमार्टम किया जाएगा. प्राथमिक जांच में अंदेशा जताया जा रहा है कि बकरियों को चारे या पानी में कोई अत्यंत घातक जहर मिलाकर दिया गया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही जहर के प्रकार और मौत के सटीक कारणों की पुष्टि हो सकेगी.
आजीविका पर प्रहार: ग्रामीणों में भारी आक्रोश
इस घटना के बाद ग्रामीणों और पशुपालकों में भारी गुस्सा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल आर्थिक नुकसान नहीं है, बल्कि बेजुबान जानवरों के खिलाफ एक सोची-समझी क्रूरता है. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि:
- मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच की जाए.
- दोषियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो.
- प्रभावित पशुपालक को उचित मुआवजा दिया जाए.
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि पशुओं के साथ ऐसी घटनाओं पर लगाम नहीं लगाई गई, तो भविष्य में पशुपालन पर निर्भर गरीब परिवारों की आजीविका पूरी तरह संकट में पड़ जाएगी. फिलहाल, स्थानीय पुलिस और पशुपालन विभाग मामले की कड़ियाँ जोड़ने में जुट गए हैं.

