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डूंगरपुर: इको कार के गुप्त केबिन से गुजरात ले जाई जा रही थी अवैध शराब; चौरासी पुलिस ने 3 तस्करों को दबोचा

डूंगरपुर जिले में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत चौरासी थाना पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. पुलिस ने एक इको कार के भीतर विशेष रूप से बनाए गए गुप्त केबिन का पर्दाफाश करते हुए करीब 1 लाख 10 हजार रुपए मूल्य की अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की है. इस मामले में पुलिस ने कार को जब्त कर गुजरात और राजस्थान के रहने वाले तीन शातिर तस्करों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है.

इको कार में नीचे बना रखा था विशेष गुप्त केबिन

चौरासी थाना प्रभारी भंवरसिंह ने बताया कि वेंजा चौकी प्रभारी हजारीलाल और उनकी टीम को मुखबिर के जरिए कार से शराब तस्करी की पुख्ता सूचना मिली थी. इस सूचना पर पुलिस टीम ने तुरंत एक्शन लेते हुए वेंजा चौकी के सामने स्टेट हाईवे-54 पर विशेष नाकाबंदी की. नाकाबंदी के दौरान जब संदिग्ध इको कार को रुकवाकर उसकी सघन तलाशी ली गई, तो पुलिस कर्मी भी हैरान रह गए. तस्करों ने पुलिस को चकमा देने के लिए कार के पिछले हिस्से में नीचे की तरफ एक शातिर तरीके से गुप्त केबिन बना रखा था.

उदयपुर से खरीदकर गुजरात ले जा रहे थे शराब

पुलिस ने जब उस गुप्त केबिन को खोला तो उसमें विभिन्न नामी ब्रांड की अंग्रेजी शराब छिपाई हुई मिली. पुलिस ने केबिन से कुल 71 बोतलें और 82 पव्वे अंग्रेजी शराब के बरामद कर कार को जब्त कर लिया. पकड़े गए आरोपियों ने प्रारंभिक पूछताछ में कबूल किया है कि वे यह शराब उदयपुर स्थित एक शराब ठेके से खरीदकर लाए थे और इसे गुजरात में ऊंचे दामों पर बेचने के लिए अवैध रूप से ले जा रहे थे. पुलिस ने तीनों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

गिरफ्तार आरोपियों की हुई पहचान

मामले में गिरफ्तार किए गए तस्करों की पहचान किंजल भाई (35) पुत्र भरत भाई सोलंकी (निवासी अहमदाबाद, गुजरात), डामोर बाबू भाई (42) पुत्र रमण भाई और डामोर बाबू भाई (33) पुत्र सना भाई (दोनों निवासी जिला अरावली, गुजरात) के रूप में हुई है. चौरासी थाना पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और उदयपुर के संबंधित शराब ठेकेदार की भूमिका की भी जांच कर रही है.

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