भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2018 बैच के युवा और ऊर्जावान अधिकारी देशल दान ने बुधवार को डूंगरपुर जिला कलेक्टर के रूप में विधिवत कार्यभार संभाल लिया है. पदभार ग्रहण करने के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनका भव्य स्वागत किया. कार्यभार संभालते ही नए जिला कलेक्टर ने स्पष्ट कर दिया कि जिले का सर्वांगीण विकास और आमजन की समस्याओं का त्वरित निस्तारण उनकी कार्यशैली का मुख्य केंद्र होगा.
जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाना लक्ष्य
मीडिया से रूबरू होते हुए जिला कलेक्टर देशल दान ने अपने विजन को साझा किया. उन्होंने कहा कि उनकी सबसे पहली प्राथमिकता राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचाना है. उन्होंने कहा, “प्रशासन का प्रयास रहेगा कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे और सरकारी प्रक्रियाएं सुगम और पारदर्शी हों.”
सामाजिक और आर्थिक उत्थान पर विशेष फोकस
डूंगरपुर की विशिष्ट भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, कलेक्टर ने कहा कि जिले के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे. शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचागत विकास (Infrastructure) के कार्यों को गति दी जाएगी. उन्होंने जनजातीय क्षेत्र के विकास के लिए विशेष कार्ययोजना पर काम करने के संकेत भी दिए.
स्वच्छता रैंकिंग को बनाएंगे और बेहतर
स्वच्छता के क्षेत्र में डूंगरपुर ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है. कलेक्टर देशल दान ने इस विरासत को आगे ले जाने का संकल्प दोहराया. उन्होंने कहा कि जिले की स्वच्छता रैंकिंग को और बेहतर बनाने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएंगे. इसके लिए उन्होंने जनता से भी सक्रिय भागीदारी और सहयोग की अपील की.
टीम वर्क और समन्वय पर जोर
प्रशासनिक कार्यकुशलता को लेकर उन्होंने कहा कि सभी विभागों के अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय (Coordination) स्थापित किया जाएगा. उन्होंने ‘टीम वर्क’ की भावना से काम करने की बात कही ताकि सरकारी प्रोजेक्ट्स को समय सीमा के भीतर पूरा किया जा सके.

