राजस्थान के उदयपुर जिले से कुदरत के करिश्मे और बहादुरी की एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है. गोगुंदा थाना क्षेत्र के लोसिंग गांव में बुधवार सुबह एक तेंदुए (लेपर्ड) ने खेत में काम कर रहे किसान पर जानलेवा हमला कर दिया. लेकिन इसी दौरान पेड़ पर बैठे बंदरों के झुंड ने कुछ ऐसा किया कि तेंदुए को उल्टे पांव भागना पड़ा.

झाड़ियों में घात लगाकर बैठा था तेंदुआ
जानकारी के अनुसार, लोसिंग निवासी 55 वर्षीय किसान तुलसीराम पालीवाल अपने खेत में गेहूं की फसल काट रहे थे. सुबह करीब 11:30 बजे जब वह काम के बीच थोड़ा आराम करने के लिए एक पेड़ की छाया में गए, तभी झाड़ियों में पहले से घात लगाकर छिपे तेंदुए ने उन पर अचानक हमला कर दिया. तेंदुए ने किसान की गर्दन को निशाना बनाते हुए पंजा मारा, जिससे वह लहूलुहान हो गए.
बंदरों ने पेश की मिसाल
तुलसीराम ने बताया कि जब तेंदुआ उन्हें दबोचने की कोशिश कर रहा था, तभी पास के पेड़ पर मौजूद बंदरों का झुंड शोर मचाते हुए नीचे आ गया. दो बंदर तो बिल्कुल करीब आ गए, जिससे तेंदुआ घबरा गया. इसी बीच चीख-पुकार सुनकर आसपास के खेतों से ग्रामीण भी लाठी-डंडे लेकर दौड़ पड़े. चौतरफा घिरता देख तेंदुआ किसान को छोड़कर जंगल की ओर भाग निकला. पीड़ित ने नम आंखों से कहा, “आज बंदर ‘हनुमान’ बनकर आए और मेरी जान बचा ली.”
इलाके में दहशत, पिंजरा लगाने की मांग
तुलसीराम को तुरंत लोसिंग के स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई. हमले में उनकी पीठ और हाथ पर खरोंचें आई हैं और नाखून लगने से शर्ट भी फट गई है. इस घटना के बाद से पूरे गांव में दहशत का माहौल है. ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचित कर मांग की है कि इलाके में जल्द से जल्द पिंजरा लगाया जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़ी अनहोनी को टाला जा सके.

