डूंगरपुर जिले की सागवाड़ा नगरपालिका एक बार फिर चर्चाओं में है. गुरुवार को नगरपालिका कार्यालय परिसर उस समय अखाड़ा बन गया जब पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष आशीष गांधी और ठेकेदार इरफान शेख के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया. विवाद इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों के बीच देखते ही देखते हाथापाई शुरू हो गई. मामले ने तूल पकड़ लिया है और अब दोनों ही पक्ष न्याय के लिए पुलिस की शरण में पहुंचे हैं.
अधिशासी अधिकारी के कक्ष में शुरू हुआ विवाद
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना अधिशासी अधिकारी (EO) के कक्ष में हुई. बताया जा रहा है कि पूर्व अध्यक्ष आशीष गांधी और पूर्व उपाध्यक्ष के पुत्र व ठेकेदार इरफान शेख किसी भुगतान से जुड़े विषय पर चर्चा कर रहे थे. चर्चा के दौरान ही दोनों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई. कुछ ही पलों में मामूली कहासुनी ने उग्र रूप ले लिया और कक्ष के भीतर ही हंगामा खड़ा हो गया. कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों और अन्य लोगों के बीच बचाव करने से पहले ही स्थिति हाथापाई तक पहुंच गई.
दोनों पक्षों ने दर्ज कराई रिपोर्ट
घटना के तुरंत बाद ठेकेदार इरफान शेख फटी हुई टी-शर्ट और शरीर पर चोट के निशानों के साथ सागवाड़ा थाने पहुंचे. उन्होंने आशीष गांधी पर मारपीट और बदसलूकी करने का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है. वहीं दूसरी ओर, पूर्व अध्यक्ष आशीष गांधी ने भी थाने पहुंचकर अपना पक्ष रखा और रिपोर्ट दी है. पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों को संज्ञान में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है.
शहर में चर्चा का विषय बना हंगामा
नगरपालिका जैसे सार्वजनिक और जिम्मेदार कार्यालय के भीतर जनप्रतिनिधियों और ठेकेदारों के बीच इस तरह का टकराव क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार्यालय के भीतर मचे इस हंगामे से कुछ समय के लिए कामकाज भी प्रभावित हुआ. फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज और वहां मौजूद गवाहों के आधार पर घटना की सत्यता की जांच कर रही है.

