उदयपुर की नवनियुक्त जिला पुलिस अधीक्षक (SP) डॉ. अमृता दुहान ने कार्यभार संभालने के बाद अपनी सक्रियता बढ़ा दी है. इसी क्रम में गुरुवार को उन्होंने ऋषभदेव कस्बे का अपना पहला आधिकारिक दौरा किया. इस दौरे के दौरान एसपी ने न केवल सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया, बल्कि पुलिस अधिकारियों को अपराध नियंत्रण के लिए सख्त दिशा-निर्देश भी जारी किए.
भगवान ऋषभदेव के दरबार में टेका मत्था
कस्बे में पहुँचने के बाद एसपी डॉ. अमृता दुहान सबसे पहले सुप्रसिद्ध भगवान ऋषभदेव मंदिर पहुँचीं. वहां उन्होंने भगवान के दर्शन कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की. मंदिर ट्रस्ट की ओर से भी उनका स्वागत किया गया.
थाने का निरीक्षण और अपराध समीक्षा
धार्मिक दर्शन के पश्चात एसपी सीधे ऋषभदेव थाने पहुँचीं, जहाँ उन्होंने पुलिस कार्यालय के रिकॉर्ड, मालखाना और हवालात का बारीकी से निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाने की साफ-सफाई और दस्तावेजों के रखरखाव पर संतोष व्यक्त किया. इसके तुरंत बाद उन्होंने लंबित मामलों (Pending Cases) की समीक्षा के लिए बैठक ली. एसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि वर्षों से लंबित मामलों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए ताकि परिवादियों को समय पर न्याय मिल सके.
डिप्टी कार्यालय में क्राइम मीटिंग
ऋषभदेव पुलिस उपाधीक्षक (DSP) कार्यालय में क्षेत्र के सभी थानाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण क्राइम मीटिंग आयोजित की गई. इस बैठक में एसपी ने क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और सुरक्षा चुनौतियों के बारे में फीडबैक लिया. उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि:
- क्षेत्र में अवैध गतिविधियों और मादक पदार्थों की तस्करी पर पूर्ण अंकुश लगाया जाए.
- रात्रि गश्त को और अधिक प्रभावी बनाया जाए.
- आमजन के साथ पुलिस का व्यवहार मित्रवत हो ताकि सूचना तंत्र मजबूत हो सके.
जनसंवाद और सीएलजी बैठक
दौरे के अंत में एसपी ने सीएलजी (CLG) सदस्यों और स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों से संवाद किया. उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं और विश्वास दिलाया कि पुलिस प्रशासन उनकी सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर है. उन्होंने सामुदायिक पुलिसिंग पर जोर देते हुए जनता से पुलिस का सहयोग करने की अपील की. इस दौरान क्षेत्र के कई पुलिस अधिकारी और जवान मौजूद रहे.

