डूंगरपुर के नवनियुक्त जिला कलेक्टर देशलदान ने कार्यभार संभालते ही प्रशासनिक गलियारों में अपनी सक्रियता का अहसास करा दिया है. पदभार ग्रहण करने के महज दूसरे दिन ही कलेक्टर पूरी तरह ‘एक्शन मोड’ में नजर आए. गुरुवार को उन्होंने जिला कलेक्ट्रेट के ईडीपी सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण मैराथन बैठक ली, जिसमें जिले के विकास का खाका खींचा गया.

योजनाओं और बजट घोषणाओं की गहन समीक्षा
बैठक के दौरान जिला कलेक्टर ने राज्य सरकार की बजट घोषणाओं, जनहितैषी विभागीय योजनाओं और जिले में चल रहे प्रमुख विकास कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की. उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की मंशा के अनुरूप योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक बिना किसी देरी के पहुंचना चाहिए. कलेक्टर ने प्रत्येक विभाग से उनके वर्तमान कार्यों की प्रगति रिपोर्ट मांगी और लक्ष्य प्राप्ति में आ रही बाधाओं पर चर्चा की.
अधिकारियों को दो टूक: लापरवाही बर्दाश्त नहीं
बैठक में कलेक्टर देशलदान ने कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि जो कार्य स्वीकृत हो चुके हैं, उन्हें तुरंत धरातल पर शुरू किया जाए. उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.
बैठक के मुख्य बिंदु:
- बजट घोषणाएं: लंबित बजट घोषणाओं को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश.
- विकास कार्य: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में चल रहे निर्माण कार्यों की साप्ताहिक मॉनिटरिंग.
- जनसुनवाई: अधिकारियों को आमजन की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहने और त्वरित निस्तारण के आदेश.
प्रशासनिक अमला रहा मौजूद
बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर (ADM), जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सहित सभी प्रमुख विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे. सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग से संबंधित योजनाओं, स्वीकृत कार्यों और अब तक की प्रगति की विस्तारपूर्वक जानकारी दी.

