पैंथर या तेंदुए का नाम सुनते ही बस्तियों में दहशत फैल जाती है, लेकिन उदयपुर जिले के झल्लारा क्षेत्र में नजारा कुछ अलग ही है. यहाँ की पहाड़ियों पर रहने वाला एक तेंदुआ परिवार स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों के लिए कौतूहल और मनोरंजन का केंद्र बन गया है. आए दिन पहाड़ियों पर अठखेलियां करते और धूप सेंकते इन तेंदुओं को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है.
गुरुवार शाम को दिखा ‘वाइल्ड लाइफ’ का नजारा
गुरुवार की शाम को झल्लारा की ऊंची पहाड़ियों पर एक बार फिर तेंदुआ परिवार अपनी मस्ती में नजर आया. चट्टानों के बीच अठखेलियां करते इन वन्यजीवों को जैसे ही सड़क से गुजर रहे राहगीरों ने देखा, वहां गाड़ियों के पहिए थम गए. देखते ही देखते बांसवाड़ा मार्ग पर लोगों का हुजूम इकट्ठा हो गया. हर कोई अपने मोबाइल में इस नजारे को कैद करने की कोशिश कर रहा था.
भीड़ को काबू करने के लिए बुलानी पड़ी पुलिस
बांसवाड़ा मुख्य मार्ग पर लोगों की भीड़ इतनी बढ़ गई कि यातायात बाधित होने लगा. सड़क पर अचानक जमा हुए सैकड़ों लोगों और वाहनों के कारण जाम की स्थिति बन गई. स्थिति को बिगड़ता देख स्थानीय प्रशासन को सूचित किया गया, जिसके बाद पुलिस टीम को मौके पर पहुंचकर भीड़ को तितर-बितर करना पड़ा और यातायात सुचारू करवाया गया.
दहशत पर भारी पड़ रहा रोमांच
हैरानी की बात यह है कि यह तेंदुआ परिवार लंबे समय से इसी पहाड़ी पर निवास कर रहा है, लेकिन अब तक क्षेत्र में किसी भी प्रकार की जनहानि या अप्रिय घटना सामने नहीं आई है. यही कारण है कि अब ग्रामीणों के मन से पैंथर का डर खत्म होता जा रहा है. ग्रामीण बिना किसी संकोच के घंटों खड़े होकर इनकी हलचलों का लुत्फ उठाते हैं.
वन विभाग की चेतावनी: दूरी बनाए रखें
हालांकि ग्रामीण इसे मनोरंजन मान रहे हैं, लेकिन वन विभाग इस स्थिति को लेकर सतर्क है. विभाग ने ग्रामीणों और राहगीरों से अपील की है कि वे वन्यजीवों के करीब न जाएं और सुरक्षित दूरी बनाए रखें. वन अधिकारियों का कहना है कि तेंदुआ एक हिंसक वन्यजीव है और भीड़ की आवाज़ या पत्थरबाजी से वह आक्रामक हो सकता है. प्रशासन ने लोगों से अपनी सुरक्षा का ध्यान रखने और वन्यजीवों को परेशान न करने का आग्रह किया है.

