डूंगरपुर जिले के चौरासी थाना क्षेत्र के वासुवा गांव में शुक्रवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहाँ एक 22 वर्षीय युवक ने अपने ही घर के मवेशी बांधने वाले बाड़े में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली. मृतक की पहचान सुखदेव मनात के रूप में हुई है, जो महज दो दिन पहले ही गुजरात के अहमदाबाद से मजदूरी कर अपने गांव लौटा था.
महुए बीनने निकला था घर से
जानकारी के अनुसार, मृतक के पिता प्रताप मनात ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि सुखदेव अहमदाबाद में रहकर मजदूरी का काम करता था और दो दिन पहले ही घर आया था. शुक्रवार सुबह वह सामान्य रूप से घर पर ही था और महुए बीनने के लिए घर से बाहर निकला था.
रसोई में मां बना रही थी खाना, बाड़े में लगा लिया फंदा
दिल दहला देने वाली बात यह है कि जिस समय सुखदेव ने यह आत्मघाती कदम उठाया, उस समय उसकी मां रसोई में दोपहर का खाना बना रही थी. सुखदेव चुपचाप मवेशी घर (बाड़े) में गया और वहां फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली. जब परिजनों की नजर उस पर पड़ी, तो कोहराम मच गया. चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई.
पुलिस जांच में जुटी, कारणों का खुलासा नहीं
सूचना मिलते ही चौरासी थाने के एएसआई दिनेश मीणा पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव को फंदे से नीचे उतरवाया और डूंगरपुर जिला अस्पताल की मोर्चरी में पहुंचाया. पुलिस के अनुसार, अभी तक आत्महत्या के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल पाया है। मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ है.
पुलिस ने फिलहाल पिता की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर लिया है. शुक्रवार दोपहर को मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया. घर के इकलौते कमाऊ बेटे की मौत से पूरे गांव में शोक की लहर है. पुलिस अब सुखदेव के मोबाइल रिकॉर्ड और दोस्तों से पूछताछ कर रही है ताकि आत्महत्या की गुत्थी सुलझाई जा सके.

