राजस्थान में पैर पसार रहे साइबर अपराधियों के खिलाफ डूंगरपुर पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी और फिल्मी अंदाज में कार्रवाई को अंजाम दिया है. जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन म्यूल हंटर’ के तहत पुलिस ने सोम कमला आम्बा डैम के बीच एक सुनसान टापू पर चल रहे ‘साइबर ठगी के कंट्रोल रूम’ का पर्दाफाश किया है. इस दौरान पुलिस ने मौके से 12 शातिर ठगों को गिरफ्तार किया और एक बाल अपचारी को निरुद्ध किया है.
नावों से घेराबंदी कर टापू पर दी दबिश
साइबर सेल को गुप्त सूचना मिली थी कि आसपुर थाना क्षेत्र के सोम कमला आम्बा बांध के पेटे में बने एक टापू पर कुछ युवक संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त हैं. पकड़े जाने के डर से इन अपराधियों ने खंडहरों और जंगलों के बजाय बांध के बीच टापू को अपना सुरक्षित ठिकाना बनाया था. पुलिस की विशेष टीमों ने निजी नावों का सहारा लेकर टापू की घेराबंदी की. जब पुलिस वहां पहुंची, तो बबूल के पेड़ों के नीचे बैठकर करीब एक दर्जन युवक मोबाइल के जरिए देशभर के लोगों को ठग रहे थे.
एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर करोड़ों की ठगी
पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. यह गिरोह Locanto, Skooka और Oklute जैसी वेबसाइटों पर फर्जी एस्कॉर्ट सर्विस के विज्ञापन देता था. ठग इंटरनेट से डाउनलोड की गई अश्लील तस्वीरें व्हाट्सएप पर भेजकर लोगों को झांसे में लेते थे. इसके बाद रजिस्ट्रेशन, एडवांस बुकिंग और सुरक्षा शुल्क के नाम पर फर्जी बैंक खातों में करोड़ों रुपये ऐंठ लिए जाते थे.
महंगे शौक और नाबालिगों का इस्तेमाल
पुलिस के अनुसार, ये युवा केवल अपने महंगे शौक, लग्जरी लाइफस्टाइल और ऐशो-आराम के लिए अपराध की दुनिया में उतरे थे। ये ठग अपने ही परिवार के नाबालिग लड़कों को भी ठगी की ट्रेनिंग दे रहे थे. पुलिस ने मौके से एक थार एसयूवी, 25 स्मार्टफोन, 50 फर्जी सिम कार्ड, डेबिट कार्ड और नकदी बरामद की है.

गिरफ्तार आरोपियों की सूची
पकड़े गए आरोपियों में नरेश पाटीदार, गणेश, मेहुल सुथार, प्रकाश, विजय, हितेश, तेजपाल, दिनेश, भावेश और मनीष सहित कुल 12 लोग शामिल हैं. ये सभी आसपुर, साबला और दोवड़ा क्षेत्र के निवासी हैं. एसपी मनीष कुमार ने बताया कि जिले में ‘ऑपरेशन साइबर हंट’ के तहत अब तक 111 अभियुक्तों को जेल भेजा जा चुका है और यह अभियान लगातार जारी रहेगा.

