डूंगरपुर के नवनियुक्त जिला कलेक्टर देशल दान ने शुक्रवार को चौरासी विधानसभा क्षेत्र का सघन दौरा किया. कार्यभार संभालने के बाद से ही निरंतर फील्ड में सक्रिय कलेक्टर ने इस दौरान सीमलवाड़ा उपखंड कार्यालय (SDM Office) का औचक निरीक्षण किया और ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक लेकर विकास कार्यों की समीक्षा की.
अधिकारियों का स्वागत और समीक्षा बैठक
कलेक्टर देशल दान के सीमलवाड़ा पहुंचने पर एसडीएम विवेक गुर्जर, तहसीलदार अशोक शाह, डिप्टी मदनलाल विश्नोई और विकास अधिकारी ललित पंड्या सहित अन्य अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. इसके पश्चात आयोजित बैठक में कलेक्टर ने क्षेत्र की कानून व्यवस्था, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और आमजन की जीवन शैली से जुड़ी विस्तृत जानकारी ली.
कलेक्टर ने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पहुंचना चाहिए. उन्होंने विभागीय कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही न बरतने की हिदायत दी.
ग्रामीणों की सुनी समस्याएं, चरागाह भूमि विवाद पर कड़ा रुख
दौरे के दौरान लिखी बड़ी गांव के ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा. ग्रामीणों ने वर्ष 2004 में चरागाह भूमि के पट्टों के आवंटन में भारी अनियमितता का आरोप लगाया. शिकायत में बताया गया कि तत्कालीन सचिव ने नियमों को ताक पर रखकर अपने परिवार के नाम पट्टे जारी कर दिए थे, जबकि वे लोग गांव के निवासी भी नहीं हैं.
इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेते हुए कलेक्टर देशल दान ने मौके पर ही उपखंड अधिकारी (SDM) और विकास अधिकारी (BDO) को जांच के निर्देश दिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए ताकि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके.
विकास और पारदर्शिता पर जोर
कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान कार्यालय के रिकॉर्ड और साफ-सफाई का भी जायजा लिया. उन्होंने कहा कि प्रशासन का मुख्य ध्येय जनता की समस्याओं का त्वरित निस्तारण करना है. कलेक्टर के इस सक्रिय दौरे से प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है.

