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बांसवाड़ा: कर्ज में डूबा सरकारी शिक्षक बना ‘फर्जी गैंगस्टर’: दो व्यापारियों से मांगी 1.40 करोड़ की फिरौती, पुलिस ने दबोचा

ऑनलाइन गेमिंग की लत और लाखों के कर्ज ने एक राष्ट्र निर्माता को अपराधी बना दिया. शहर के दो प्रतिष्ठित व्यापारियों को पत्र भेजकर खुद को बड़ा गैंगस्टर बताने और कुल 1 करोड़ 40 लाख रुपए की फिरौती मांगने के सनसनीखेज मामले का डूंगरपुर पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है. पुलिस ने इस मामले में एक सरकारी स्कूल के शिक्षक को गिरफ्तार किया है, जिसने कर्ज चुकाने के लिए फिल्मी अंदाज में वसूली की साजिश रची थी.

ऑनलाइन गेमिंग और 30 लाख का कर्ज

पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी विकेश कुमार कमोल, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय चुडाडा में द्वितीय श्रेणी (गणित) का शिक्षक है. जांच में सामने आया कि आरोपी ऑनलाइन गेमिंग की लत के कारण करीब 30 लाख रुपए के कर्ज में डूब गया था. ताज्जुब की बात यह है कि आरोपी की पत्नी भी सरकारी शिक्षिका है, लेकिन कर्ज के दबाव में आकर उसने अपराध का रास्ता चुना.

रेकी कर रची फिरौती की साजिश

आरोपी ने पूरी योजना बेहद शातिर तरीके से बनाई थी. उसने पहले व्यापारियों के फार्म हाउस और दुकानों की रेकी की। एक फार्म हाउस के चौकीदार से गाय खरीदने के बहाने मिलकर सेठ की संपत्ति का अंदाजा लगाया. इसके बाद 30 मार्च को उसने एक व्यापारी की दुकान के शटर के नीचे धमकी भरा पत्र डाला और दूसरे के कर्मचारी को लिफाफा थमाया. पत्र में एक व्यापारी से 90 लाख और दूसरे से 50 लाख रुपए की मांग की गई थी. पैसे न देने पर परिवार को खत्म करने की धमकी दी गई थी.

300 CCTV कैमरों और साइबर सेल की मदद से खुलासा

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी सुधीर जोशी के निर्देशन में विशेष टीम का गठन किया गया. पुलिस ने शहर के प्रवेश और निकास द्वारों पर लगे करीब 300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. साइबर तकनीक और रूट मैप की मदद से आरोपी की पहचान पुख्ता की गई, जिसके बाद उसे उसके गांव टिम्बा महुडी (कुशलगढ़) से हिरासत में लिया गया.

टीम की सफलता

इस बड़ी कामयाबी में थानाधिकारी सुहासी जैन, सीआई देवीलाल मीणा, बुधाराम बिशनोई सहित साइबर सेल के प्रविण सिंह व विशाल सिंह की मुख्य भूमिका रही. पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है. फिलहाल आरोपी से गहन पूछताछ जारी है.

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