सलुम्बर जिले के लसाड़िया उपखंड क्षेत्र के घाटा और लालपुरा गांवों में एक अज्ञात बीमारी ने कोहराम मचा दिया है. पिछले कुछ दिनों के भीतर पांच मासूम बच्चों की असमय मौत से पूरे क्षेत्र में दहशत और शोक का माहौल है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बच्चों को पहले हल्का बुखार और कमजोरी महसूस हुई, जिसके बाद अस्पताल ले जाते समय या इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया.
एक ही परिवार और पड़ोस के पांच बच्चों ने तोड़ा दम
मौतों का सिलसिला 31 मार्च से शुरू हुआ, जब लालपुरा निवासी दीपक (5) और उसकी पड़ोस में रहने वाली सीमा (3) की मामूली बुखार के बाद मौत हो गई. रविवार को यह त्रासदी और गहरा गई जब घाटा निवासी राहुल (4), काजल और लालपुरा के लक्ष्मण (7) की भी इलाज के दौरान मौत हो गई. गौरतलब है कि मृतक दीपक और लक्ष्मण एक ही पिता (माना मीणा) के पुत्र थे, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.
प्रशासनिक अमला और मेडिकल टीमें मौके पर
मामले की गंभीरता को देखते हुए सोमवार को ग्रामीणों ने बीसीएमएचओ और उपखंड कार्यालय पर ज्ञापन सौंपा. इसके तुरंत बाद उपखंड अधिकारी दिनेश आचार्य मेडिकल टीम के साथ प्रभावित गांवों में पहुंचे. स्वास्थ्य विभाग ने घर-घर जाकर सर्वे शुरू कर दिया है और बीमार बच्चों व उनके परिजनों के रक्त के नमूने (Samples) लिए जा रहे हैं.
जिला कलेक्टर ने लिया जायजा, दिए सख्त निर्देश
देर शाम जिला कलेक्टर मोहम्मद जुनैद पी.पी. खुद लालपुरा गांव पहुंचे और मृतक बच्चों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी. कलेक्टर ने चिकित्सा अधिकारियों को पूरे गांव में सघन सर्वे करने और बीमारी के मूल कारण का पता लगाने के सख्त निर्देश दिए. इसके बाद उन्होंने लसाड़िया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) का औचक निरीक्षण किया और वहां लेबर रूम, लैब और एक्स-रे मशीन जैसी व्यवस्थाओं को सुधारने के निर्देश दिए.
जांच रिपोर्ट का इंतजार
चिकित्सा विभाग का कहना है कि सैंपल लैब भेजे गए हैं और रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि यह कोई मौसमी बीमारी है या कोई नया संक्रमण. फिलहाल प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी बच्चे को बुखार आने पर तुरंत सरकारी अस्पताल में संपर्क करें.

