डूंगरपुर जिले की धंबोला थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए पिछले 19 वर्षों से फरार चल रहे एक शातिर स्थायी वारंटी को गिरफ्तार किया है. आरोपी अपनी पहचान बदलकर गुजरात में छिपकर रह रहा था. जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन शिकंजा’ के तहत यह कार्रवाई की गई है.
पहचान बदलकर कर रहा था मजदूरी
पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने बताया कि जिले में लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए सभी थानाधिकारियों को निर्देशित किया गया है. इसी क्रम में धंबोला थानाधिकारी देवेंद्र देवल के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया. टीम को मुखबिर के जरिए सूचना मिली कि चोरी के विभिन्न मामलों में वांछित पोपटलाल (45), पुत्र निवासी सीमलवाड़ा, गुजरात के मोडासा क्षेत्र में नाम बदलकर रह रहा है. पुलिस के अनुसार, आरोपी ने वहां अपनी पहचान ‘पप्पूभाई’ के रूप में बना ली थी और मजदूरी का काम कर रहा था ताकि किसी को शक न हो.
तीन थानों की पुलिस को थी तलाश
गिरफ्तार आरोपी पोपटलाल बेहद शातिर है और पिछले 19 सालों से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था. उसके खिलाफ डूंगरपुर जिले के धंबोला, चितरी और सागवाड़ा थानों में चोरी और अन्य गंभीर प्रकरण दर्ज हैं. इन मामलों में वह लंबे समय से कोर्ट से स्थायी वारंटी घोषित था. इतनी लंबी अवधि तक फरार रहने के कारण वह पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ था.
गुजरात में दबिश देकर किया गिरफ्तार
पुख्ता लोकेशन मिलने के बाद धंबोला पुलिस की टीम ने गुजरात के मोडासा में दबिश दी. वहां टीम ने संदिग्ध ‘पप्पूभाई’ को हिरासत में लिया. शुरुआत में आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और खुद को स्थानीय मजदूर बताया, लेकिन जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की और तकनीकी साक्ष्य सामने रखे, तो उसने कबूल किया कि वही पोपटलाल भोई है. पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

