डूंगरपुर जिला कलेक्टर देशलदान ने शनिवार को बिछीवाड़ा क्षेत्र का सघन दौरा किया. इस दौरान उन्होंने राजस्थान-गुजरात सीमा पर स्थित रतनपुर बॉर्डर का निरीक्षण किया और बिछीवाड़ा एसडीएम कार्यालय में ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली. कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

पोर्टल की शिकायतों पर सख्त रुख
एसडीएम कार्यालय में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा की।.उन्होंने आईएलआर सर्किल, पटवार सर्किल और रेवेन्यू गिरदावरी की स्थिति का जायजा लिया. कलेक्टर ने संपर्क पोर्टल और अन्य सरकारी पोर्टलों पर दर्ज लंबित शिकायतों को लेकर नाराजगी जताई और अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी शिकायतों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण और समय सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए.
आवास और पेयजल योजनाओं की समीक्षा
कलेक्टर देशलदान ने प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना की प्रगति पर विशेष ध्यान दिया. उन्होंने निर्देश दिए कि जो आवास अधूरे पड़े हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तय समय में पूरा करवाया जाए.
पेयजल व्यवस्था को लेकर उन्होंने जल जीवन मिशन (JJM) की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से क्षेत्र के हैंडपंपों की वास्तविक स्थिति जानी. उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि गर्मी के मौसम को देखते हुए खराब हैंडपंपों को तुरंत प्रभाव से ठीक करवाया जाए ताकि ग्रामीणों को पानी की समस्या का सामना न करना पड़े.
आमजन से सीधा संवाद करने के निर्देश
कलेक्टर ने अधिकारियों को दफ्तरों से निकलकर फील्ड में जाने की सलाह दी. उन्होंने कहा, “अधिकारी ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर आमजन से सीधा संवाद करें और उन्हें स्थानीय भाषा में केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दें.” इससे न केवल योजनाओं का प्रचार-प्रसार होगा, बल्कि पात्र लोगों को समय पर लाभ भी मिल सकेगा.
बैठक के बाद कलेक्टर ने रतनपुर बॉर्डर पर सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया और वहां तैनात अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.

