बांसवाड़ा जिले के भूंगड़ा थाना क्षेत्र के गोरछा गांव में शुक्रवार शाम एक ऐसा हादसा हुआ जिसने हर किसी की रूह कंपा दी. अपने ननिहाल घूमने आए एक 9 वर्षीय मासूम की सिर्फ इसलिए जान चली गई क्योंकि वह सामने से आते ट्रैक्टर को देख डर गया था. भागते समय गिरने से लगी अंदरूनी चोट बच्चे के लिए काल बन गई.
ट्रैक्टर देख सहम गया मासूम
भूंगड़ा थाने के एएसआई मेहबूब खान ने बताया कि खेरवा निवासी 9 वर्षीय श्रवण पुत्र सूरजमल चरपोटा गुरुवार को ही अपने माता-पिता के साथ अपने मामा पारस कटारा के घर गोरछा गांव आया था. शुक्रवार शाम को वह घर के बाहर खेल रहा था, तभी उसे सामने से एक ट्रैक्टर आता दिखाई दिया.
ट्रैक्टर को अपनी ओर आता देख बच्चा इतना घबरा गया कि वह जान बचाने के लिए तेजी से पीछे की तरफ दौड़ा. इसी आपाधापी में उसका संतुलन बिगड़ गया और वह पत्थर या सख्त जमीन पर जोर से गिर पड़ा.
अस्पताल पहुँचने से पहले ही तोड़ा दम
गिरने के तुरंत बाद श्रवण बेसुध हो गया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उसके नाक से खून बहने लगा था, जो गंभीर अंदरूनी चोट का संकेत था. परिजन उसे आनन-फानन में निजी वाहन से बांसवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल लेकर भागे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था. अस्पताल पहुँचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

