प्रतापगढ़ आमजन की समस्याओं के समाधान और प्रशासन की पहुंच हर नागरिक तक सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गुरुवार को जिला स्तरीय जनसुनवाई का आयोजन किया गया. जिला कलेक्टर शुभम चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित यह जनसुनवाई सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के वीसी (VC) कक्ष में संपन्न हुई.
प्रमुख समस्याएं और प्राप्त प्रकरण
जनसुनवाई के दौरान कुल 30 प्रकरण कलेक्टर के समक्ष आए. ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से आए लोगों ने मुख्य रूप से बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें दर्ज कराईं, जिनमें शामिल थे:
- खराब पड़े हैंडपंपों को ठीक करवाकर पेयजल आपूर्ति बहाल करना.
- ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों का डामरीकरण और सुधारीकरण.
- पेंशन योजनाओं का लाभ दिलाने और अटकी हुई किस्तों का भुगतान.
- कृषि कार्यों के लिए कूप निर्माण और खेतों तक पहुँचने के लिए रास्ता निकलवाने संबंधी विवाद.
अधिकारियों को सख्त निर्देश: “समयबद्ध हो समाधान”
जिला कलेक्टर शुभम चौधरी ने एक-एक कर सभी फरियादियों की बात सुनी और संबंधित विभाग के अधिकारियों को मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए. उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी समस्याओं का निस्तारण नियमानुसार और समयबद्ध तरीके से किया जाए ताकि आमजन को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें.
इसके साथ ही, उन्होंने संपर्क पोर्टल पर लंबित पड़े मामलों की भी विभागवार समीक्षा की। कलेक्टर ने अधिकारियों को हिदायत दी कि:
“आमजन के साथ संवेदनशील व्यवहार करें. जनता की समस्याओं को प्राथमिकता पर रखते हुए समाधान सुनिश्चित करना ही प्रशासन की मुख्य जिम्मेदारी है.”
सतर्कता प्रकरणों की समीक्षा
जनसुनवाई के दौरान केवल नई समस्याएं ही नहीं सुनी गईं, बल्कि सतर्कता समिति (Vigilance) के पुराने प्रकरणों की भी समीक्षा की गई. कलेक्टर ने अधिकारियों से उन मामलों की प्रगति रिपोर्ट मांगी जो लंबे समय से लंबित हैं.
बैठक में उपस्थित रहे प्रशासनिक अधिकारी
इस महत्वपूर्ण जनसुनवाई में अतिरिक्त जिला कलेक्टर विजयेश कुमार पंड्या, जिला परिषद सीईओ पर्वत सिंह चुंडावत, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक डॉ. टी.आर. आमेटा, पीएचईडी (PHED) के एस.डी. मीणा और एवीवीएनएल (AVVNL) के एसई सहित विभिन्न विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे. साथ ही, उपखंड स्तर के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे.

