राजस्थान के डूंगरपुर जिले में वन्यजीवों का आबादी क्षेत्रों की ओर रुख करना जारी है. ताजा मामला शनिवार सुबह कोकापुर-चारवाड़ा मुख्य मार्ग से सामने आया है, जहां एक लेपर्ड (तेंदुआ) खुलेआम घूमता नजर आया. रिहायशी इलाके के पास लेपर्ड की इस दस्तक ने स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों के बीच भारी दहशत पैदा कर दी है.
सड़क किनारे झाड़ियों में दिखा लेपर्ड
मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 9:00 बजे एक टैक्सी चालक चारवाड़ा से कोकापुर की ओर जा रहा था. इसी दौरान उसकी नजर सड़क किनारे झाड़ियों में छिपे एक लेपर्ड पर पड़ी. चालक ने हिम्मत दिखाते हुए लेपर्ड की चहलकदमी का वीडियो अपने मोबाइल में कैद कर लिया. वीडियो में लेपर्ड सड़क पार कर खेतों और पहाड़ियों की ओर भागता हुआ दिखाई दे रहा है. लेपर्ड के ओझल होने के बाद टैक्सी चालक ने तुरंत इसकी सूचना आसपास के ग्रामीणों और अन्य राहगीरों को दी.
खेतों और जंगल में जाने से कतरा रहे लोग
लेपर्ड दिखने की खबर आग की तरह पूरे क्षेत्र में फैल गई. आबादी क्षेत्र के इतने करीब जंगली जानवर के आने से लोग अब अपने खेतों और सुनसान रास्तों पर जाने से कतरा रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि इस इलाके में पहले भी कई बार लेपर्ड देखे जा चुके हैं, लेकिन दिनदहाड़े मुख्य सड़क के पास इसकी मौजूदगी ने सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. आशंका जताई जा रही है कि भीषण गर्मी के चलते पानी और शिकार की तलाश में लेपर्ड पहाड़ियों से उतरकर रिहायशी इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं.
वन विभाग से गश्त बढ़ाने की मांग
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम हरकत में आ गई है और लेपर्ड की लोकेशन को ट्रैक करने के प्रयास किए जा रहे हैं. स्थानीय निवासियों ने वन विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में तुरंत गश्त बढ़ाई जाए और यदि संभव हो तो पिंजरा लगाकर लेपर्ड को सुरक्षित रेस्क्यू किया जाए, ताकि किसी भी अनहोनी या जनहानि से बचा जा सके. फिलहाल, विभाग ने ग्रामीणों को अकेले खेतों में न जाने और सतर्क रहने की सलाह दी है.

