प्रतापगढ़ जिला पुलिस अधीक्षक बी आदित्य के निर्देशन में जिले में बालिकाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है. इसी क्रम में कालिका पेट्रोलिंग यूनिट द्वारा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पांच इमली में एक दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण एवं सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस सत्र का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को अपनी सुरक्षा के प्रति सजग बनाना और उनमें आत्मविश्वास का संचार करना रहा.
आत्मरक्षा के सिखाए तरीके
प्रशिक्षण सत्र के दौरान कालिका यूनिट के विशेषज्ञों ने बालिकाओं को आत्मरक्षा (Self-Defense) के आसान और प्रभावी तरीकों का अभ्यास कराया. छात्राओं को बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति या सुनसान स्थान पर यदि कोई उन पर हमला करने की कोशिश करे, तो वे किस तरह अपनी शारीरिक शक्ति और सूझबूझ का उपयोग कर स्वयं को सुरक्षित रख सकती हैं.
गुड टच-बैड टच और ऑपरेशन गरिमा
कार्यक्रम में छात्राओं को ‘गुड टच और बैड टच’ के बीच अंतर को विस्तार से समझाया गया. राज्य स्तर पर चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन गरिमा’ के तहत बालिकाओं को छेड़छाड़, अनैतिक व्यवहार और सार्वजनिक स्थानों पर होने वाले शोषण के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया गया. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि डरने के बजाय कानून का सहारा लेना ही सुरक्षा का सही रास्ता है.
हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी
बालिकाओं को तकनीक और त्वरित पुलिस सहायता से जोड़ने के लिए राजकोप सिटीजन एप के बारे में बताया गया. इसके साथ ही महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई:
- 112: आपातकालीन पुलिस सहायता
- 1090: गरिमा हेल्पलाइन (महिला सुरक्षा)
- 1930: साइबर अपराध हेल्पलाइन
- 1098: चाइल्ड हेल्पलाइन
कानूनी प्रावधानों और साइबर सुरक्षा पर सत्र
छात्राओं को पोक्सो एक्ट (POCSO), घरेलू हिंसा और कार्यस्थल पर होने वाले शोषण के विरुद्ध बने कड़े कानूनों की जानकारी दी गई. वर्तमान दौर में बढ़ रहे डिजिटल खतरों को देखते हुए सोशल मीडिया पर सतर्क रहने, अपनी निजी जानकारी साझा न करने और साइबर ठगी से बचने के उपाय भी साझा किए गए.

