डूंगरपुर जिले के चौरासी थाना क्षेत्र के वीरावाड़ा गांव में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक लापता युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में गांव के ही एक कुएं में मिला. मृतक की पहचान मुकेश बरंडा के रूप में हुई है. युवक पिछले तीन दिनों से लापता था और परिजन उसकी तलाश में जुटे थे. सोमवार को युवक का शव मिलने के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है.
तीन दिनों से चल रही थी तलाश
जानकारी के अनुसार, वीरावाड़ा निवासी मुकेश बरंडा अचानक घर से लापता हो गया था. परिजनों ने अपने स्तर पर सगे-संबंधियों और आसपास के क्षेत्रों में उसकी काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला. चौथे दिन घर के नजदीक स्थित एक कुएं में ग्रामीणों ने एक शव तैरता हुआ देखा, जिसकी शिनाख्त मुकेश के रूप में हुई. घटना की खबर मिलते ही कुएं के पास लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई.
पुलिस कार्रवाई और पोस्टमॉर्टम
सूचना मिलने पर चौरासी थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची. पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद शव को कुएं से बाहर निकलवाया. पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और शव को डूंगरपुर जिला अस्पताल की मोर्चरी में भिजवाया. वहां चिकित्सकों के दल द्वारा पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया गया.
परिजनों ने लगाया मारपीट और हत्या का आरोप
मृतक के भाई सुभाष बरंडा ने इस मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं. पुलिस को दी गई रिपोर्ट में सुभाष ने संदेह जताया है कि मुकेश के साथ पहले मारपीट की गई और फिर उसे कुएं में फेंक दिया गया, या फिर उसे आत्महत्या जैसा कदम उठाने के लिए मजबूर किया गया. परिजनों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले की गहनता से जांच की जाए ताकि मौत के असली कारणों का खुलासा हो सके.
जांच में जुटी पुलिस
चौरासी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की सही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी. फिलहाल पुलिस मृतक के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और गांव के संदिग्ध लोगों से पूछताछ के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है.

